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अशोक गहलोत पहुंचे दिल्ली, नीति आयोग की बैठक में रखेंगे राजस्थान का पक्ष

नीति आयोग की राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली पांचवीं बैठक में सूखे की स्थिति, कृषि क्षेत्र में समस्या समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.

अशोक गहलोत पहुंचे दिल्ली, नीति आयोग की बैठक में रखेंगे राजस्थान का पक्ष
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बैठक में भाग लेंगे.

जयपुर: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली और नीति आयोग संचालन परिषद की पांचवीं बैठक शनिवार को आयोजित होगी. सभी राज्यों के अनेक मसले इस बैठक में चर्चा के बिंदूओं में शामिल हैं जिनमें राजस्थान भी अपनी मांगों को लेकर पक्ष रखेगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नीति आयोग की बैठक में मौजूद रहेंगे. मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने प्रदेश की मांगों को लेकर एक प्रजेंटेशन तैयार की हैं, जिसमें प्रदेश से जुड़ी प्रमुख मांगे शामिल हैं. 

पीएम मोदी की अध्यक्षता में होगी बैठक
नीति आयोग की राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली पांचवीं बैठक में सूखे की स्थिति, कृषि क्षेत्र में समस्या तथा नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षा चिंता समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. बैठक के एजेंडे में वर्षा जल संचयन, पिछड़ा जिला कार्यक्रम और कृषि में संरचनात्मक सुधार भी शामिल हैं. इसमें मुख्यमंत्रियों, केंद्रशासित प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नर, कई केंद्रीय मंत्री तथा वरिष्ठ सरकारी अधिकारी उपस्थित होंगे. राजस्थान सरकार भी नीति आयोग से जुड़ी विभिन्न मांगों को आयोग के सामने रखेगा. कोशिश होगी केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय से गुड गर्वनेंस के फार्मुले को गति देने की. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बैठक में भाग लेंगे. 

बजट आवंटन बढ़ाने पर फोकस
नीति आयोग की बैठक में राजस्थान के लिए प्रस्तावित मांगों का ड्राफ्ट तैयार किया गया है. मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने अहम विभागों से सुझाव लिए थे. प्रदेश के सुखाग्रस्त नौ जिलों के लिए विशेष बजट की मांग इसमें शामिल हैं. बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर, जोधपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू, पाली और जालौर जिले सूखाग्रस्त घोषित किए गए हैं. इसके अलावा किसानों की आय और उपज में इजाफे, जल प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और स्वास्थय के लिए अतिरिक्त बजट की डिमांड के साथ केंद्रीय योजनाओं का पैसा शीघ्र रिलीज करना भी ड्राफ्ट में शामिल है. 

प्रदेश में संचालित केंद्रीय योजनाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रस्ताव भी प्रमुखता से शामिल किया गया है. बैठक में केंद्र की मोदी सरकार अपने 100 दिन के एजेंडे पर भी चर्चा कर सकती हैं, वहीं प्रदूषण, जीडीपी लक्ष्य और वैकल्पिक ऊर्जा-ईंधन संसाधनों के उपयोग पर चर्चा प्रस्तावित है. प्रदेश सरकार को भेजे पत्र के अनुसार नीति आयोग की योजना 'नया भारत 2020' पर भी होगी चर्चा. बैठक में मोदी सरकार के लक्ष्यों के अलावा कांग्रेस शासित राज्यों की मांग पर आयोग के रूख पर खासी नजर रहेगी. इतना जरुर हैं चुनाव बाद केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता में विकास है.