अशोक गहलोत को मिल सकती है गुजरात राज्यसभा चुनाव की जिम्मेदारी

भाजपा नेताओं अमित शाह और स्‍मृति ईरानी के लोकसभा चुनाव जीतने और राज्‍यसभा से इस्‍तीफा देने के कारण यह सीटें खाली हुई है. 

अशोक गहलोत को मिल सकती है गुजरात राज्यसभा चुनाव की जिम्मेदारी
गुजरात विधानसभा में कुल 182 विधायक हैं.

दिल्ली: गुजरात की दो राज्यसभा सीटों के लिए 5 जुलाई को होने वाले चुनाव के लिए दोनों पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटी हुई है. इस बार चुनाव की खास बात यह है कि दोनों सीटों के लिए एक ही दिन अलग-अलग चुनाव होंगे. इसलिए कांग्रेस के लिए एक भी सीट भी जीत पाना मुश्किल है, लेकिन कांग्रेस की तरफ से सभी विधायकों को ट्रेनिंग देकर क्रॉस वोटिंग से बचा जा सके.

वहीं भाजपा नेताओं अमित शाह और स्‍मृति ईरानी के लोकसभा चुनाव जीतने और राज्‍यसभा से इस्‍तीफा देने के कारण ये सीटें खाली हुई हैं. इन सीटों के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गुजरात के ओबीसी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जुगलजी ठाकोर ने नामांकन दाखिल किया है.

सुबह सीएम अशोक गहलोत की सोनिया गांधी से मुलाकात को भी गुजरात राज्यसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि शिष्टाचार मुलाकात के दौरान सोनिया गांधी ने सीएम गहलोत से राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा की. सूत्रों का कहना है कि बतौर गुजरात प्रदेश प्रभारी उनके अनुभव के आधार पर चर्चा की. बताया जा रहा है कि सोनिया से मुलाकात के बाद गहलोत ने गुजरात प्रभारी राजीव सातव से भी चर्चा की.

चुनाव में कांग्रेस को है क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है. मंगलवार को हुई गुजरात विधायकों की बैठक में यह फैसला लिया गया कि गुजरात विधायकों की राज्य सभा चुनाव को लेकर कार्यकारिणी गुजरात से बाहर कहीं अन्यत्र स्थान पर हो. इसके बाद यह कार्यकारिणी राजस्थान में माउंट आबू में करवाने तय किया गया. गुजरात विधायकों की मानें तो आज रात को सारे विधायक माउंट आबू पहुंचाएंगे.

इसके बाद गुरुवार को सभी विधायकों की कार्यशाला होगी जिसमें राज्य सभा चुनाव को लेकर मॉक पॉल किया जाएगा और चुनाव को लेकर विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा विधायकों को. गुजरात में कांग्रेस के पास 77 विधायक थे जिनमें से 6 विधायकों, ने कांग्रेस छोड़ दी लिहाजा अब कांग्रेस के पास मात्र 71 विधायक है. गुजरात विधानसभा में कुल 182 विधायक हैं. बीच कांग्रेस के बागी विधायक अल्‍पेश ठाकोर ने दावा किया है कि 18 विधायक कांग्रेस को छोड़ना चाहते हैं. अल्‍पेश ठाकोर ने इसके साथ ही कहा कि वह माउंट आबू नहीं जाएंगे.