राजस्थान में फिर लौटकर आया खादी का फैशन, बेरोजगारों की बदली तकदीर

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की पहल के बाद एक बार फिर से खादी के दिन लौटकर आ गए. मुख्यमंत्री गहलोत ने खादी पर 50 फीसदी छूट का फैसला क्या लिया, खादी उत्पादकों की चांदी-चांदी हो गई.

राजस्थान में फिर लौटकर आया खादी का फैशन, बेरोजगारों की बदली तकदीर
राज्य सरकार ने प्रदेश के खादी उत्पादों पर 50 प्रतिशत की छूट दी है.

जयपुर: राजस्थान में खादी से लाखों बेरोजगारों की तस्वीर और तकदीर बदल दी है. जो खादी के वस्त्र सालों तक बिकते नहीं थे, वहीं उन्हीं वस्त्रों से बुनकरों का लॉटरी लग गए गई है. 

एक वक्त तो ऐसा था, जब खादी का जमाना ही चला गया था और लोग खादी से दूर हो रहे थे लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की पहल के बाद एक बार फिर से खादी के दिन लौटकर आ गए. मुख्यमंत्री गहलोत ने खादी पर 50 फीसदी छूट का फैसला क्या लिया, खादी उत्पादकों की चांदी-चांदी हो गई.

राज्य सरकार के इस फैसले के बाद खादी उत्पादकों की बिक्री में 70 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है. जिन दुकानदारों की माल 5-7 साल तक नहीं बिक रहा था, अब वहीं उन्हीं माल की बिक्री का टारगेट पूरा भी हो चुका है. गहलोत के इस फैसले से हजारों परिवारों को रोजगार मिला है.

वहीं दूसरी ओर सरकार के इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं का खादी की तरफ रूझान बढ़ गया है. बच्चों से लेकर युवा, बुजुर्ग सभी खादी को बेहद पसंद कर रहे हैं. राज्य सरकार ने प्रदेश के खादी उत्पादों पर 50 प्रतिशत की छूट दी है. इतनी बड़ी छूट देने का फैसला देश के इतिहास में पहली बार किया गया है ताकि प्रदेश में खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी संस्थाओं को मजबूत किया जा सके, खादी का उत्पादन बढ़े और बुनकरों के लिए रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर पैदा हो सकें. 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) का कहना था कि राज्य सरकार ने खादी के लिए रिवॉल्विंग फंड 3 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ कर दिया है. खादी-ग्रामोद्योग से जुड़ी संस्थाओं की अन्य समस्याओं का भी परीक्षण कर उनके समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे.

सरकार के इस फैसले से खादी का फैशन फिर से लौटकर आया है लेकिन अभी भी खादी को और आगे बढ़ाने की जरूरत है. उम्मीद है कि मुख्यमंत्री की इस कोशिश के बाद खादी को और अधिक गति मिलेगी.