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राजस्‍थान सीएम पद के लिए कोई गंभीर नाम नहीं था, मैं सही दावेदार था: अशोक गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राजस्थान का पहला बजट पेश करने के बाद विधानसभा में मीडिया से बातचीत में यह बात कही. 

राजस्‍थान सीएम पद के लिए कोई गंभीर नाम नहीं था, मैं सही दावेदार था: अशोक गहलोत
उन्होंने कहा, 'प्रदेश के हर हिस्से से यह मांग उछ रही थी.' (फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने खुद को प्रदेश के सीएम के पद के लिए सही दावेदार बताते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भी हर गांव-ढाणी और प्रदेश के हर हिस्से से उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठ रही थी. उन्होंने कहा कि प्रदेश के सीएम के लिए कोई भी गंभीर दावेदार मौजूद नहीं था. मैं (सीएम पद) सही दावेदार था.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को जयपुर में राजस्थान का पहला बजट पेश करने के बाद विधानसभा में मीडिया से बातचीत में यह बात कही. गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार का बजट गांव, गरीब, किसान, युवाओं और महिलाओं को समर्पित है. 

गहलोत ने कहा कि वह गुड गवर्नेंस के लिए काम कर रहे हैं. इसके साथ ही गहलोत ने कहा कि जनता चुनाव से पहले ही उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रही थी और इसीलिए राहुल गांधी ने उन्हें प्रदेश में मौका दिया. 

गहलोत ने कहा कि जनता की भावनाओं को देखते हुए ही वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने भी जनहित का बजट दिया है. आपको बता दें कि प्रदेश की नई सरकार का पहला बजट विधानसभा में रखा गया. गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार ने जनहित का बजट दिया, क्योंकि जनता खुद इसकी उम्मीद लगाए बैठी थी. 

गहलोत ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भी हर गांव-ढाणी और प्रदेश के हर हिस्से से उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठ रही थी. उन्होंने कहा कि जनता की इस मांग के नाते उनका मुख्यमंत्री की शपथ लेना बनता था.

गहलोत ने कहा कि जनता की तरफ से इस तरह की आवाज उन्होंने पहली बार किसी के लिए देखी थी. उन्होंने कहा कि और कोई गंभीर नाम cm पद के लिए नहीं था, इसीलिए जनता की भावना को देखते हुए राहुल गांधी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी.

गहलोत ने मुख्यमंत्री पद के लिए जनता की भावनाओं को बताया, तो साथ ही प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी के बारे में खुद की भावनाओं को भी जाहिर किया. उन्होंने कहा कि राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी देश के दूसरे राज्यों के मुकाबले बहुत अच्छा काम करती है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गिने-चुने अधिकारी ही हैं जो सही मंशा से काम नहीं करते. गहलोत ने कहा कि उनका बस चले तो वे ऐसे लापरवाह अधिकारियों को कंपलसरी रिटायरमेंट दे दें.