राजस्थान: BSP विधायकों मामले में CM गहलोत ने मायावती को लेकर कही बड़ी बात...

सीएम गहलोत ने बसपा प्रमुख मायावती पर हमला करते हुए कहा कि, वह मजबूरी में बयान दे रही हैं. उनकी शिकायत वाजिब नहीं है. छह बसपा विधायक अपने विवेक से कांग्रेस में शामिल हुए हैं.

राजस्थान: BSP विधायकों मामले में CM गहलोत ने मायावती को लेकर कही बड़ी बात...
सीएम गहलोत ने कहा उनकी शिकायत वाजिब नहीं है.

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने गुरुवार को दावा किया कि, बुधवार रात से जब से विधानसभा सत्र बुलाने की तिथि 14 अगस्त निर्धारित हुई है, तब से राज्य में खरीद-फरोख्त (Horse Trading) का 'रेट' बढ़ गया है.

अशोक गहलोत ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'बुधवार रात से जब से विधानसभा सत्र बुलाने की घोषणा हुई है, राजस्थान में खरीद-फरोख्त (विधायकों की) का 'रेट' बढ़ गया है. इससे पहले पहली किश्त 10 करोड़ और दूसरी किश्त 15 करोड़ रुपये थी. अब यह असीमित हो गई है. सब लोग जानते हैं कौन लोग खरीद-फरोख्त कर रहे हैं.'

सीएम गहलोत ने बसपा (BSP) प्रमुख मायावती (Mayawati) पर हमला करते हुए कहा कि, वह मजबूरी में बयान दे रही हैं. उनकी शिकायत वाजिब नहीं है. छह बसपा विधायक अपने विवेक से कांग्रेस में शामिल हुए हैं. दरअसल, मंगलवार को बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने राजस्थान की अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार पर निशाना साधा और कहा कि, हम कांग्रेस और गहलोत को सबक सीखाएंगे.

बसपा मुखिया ने प्रेस वार्ता के माध्यम से कहा कि, राजस्थान में हमने चुनाव के बाद कांग्रेस को बिना शर्त अपने छह विधायकों का समर्थन दिया. दुर्भाग्यवश मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुरी नीयत से और बसपा को खतरा पहुंचाने के लिए हमारे विधायकों का कांग्रेस में विलय करा लिया. उन्होंने ऐसा ही पिछले शासनकाल में भी किया था.

मायावती ने कहा कि, बसपा पहले भी अदालत जा सकती थी. लेकिन हम कांग्रेस और अशोक गहलोत को सबक सिखाना चाहते थे. अब हमने अदालत जाने का फैसला किया है. हम इस मामले को नहीं छोड़ेंगे. हम जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) भी जाएंगे. हम इस मामले को ऐसे नहीं छोड़ने वाले हैं.

उन्होंने आगे कहा कि, हमने सभी 6 विधायकों (जिन्होंने बसपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा है) उनसे कहा है कि, वे विधानसभा में विश्वासमत के दौरान कांग्रेस सरकार के खिलाफ मत करें. ऐसा न करने पर उनकी सदस्यता रद्द की जाएगी. बसपा कांग्रेस और गहलोत सरकार को पहले भी पाठ पढ़ा सकती थी, लेकिन हम समय का इन्तजार कर रहे थे. अब हमने कोर्ट जाने का निर्णय लिया है. हमने सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया है.

मायावती ने कहा कि, हमने किसी पार्टी के विधायक को नहीं तोड़ा. हमने गलत नहीं किया. दूसरे पर ऊंगली उठाने से पहले अपने को देखना चाहिए.

(इनपुट-भाषा)