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झालावाड़: स्वाइन फ्लू के मरीजों की बढ़ती संख्या को देख स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया जागरूकता अभियान

शुक्रवार को झालरापाटन आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मौसमी बीमारियों तथा स्वाइन फ्लू से बचने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का वितरण किया.

झालावाड़: स्वाइन फ्लू के मरीजों की बढ़ती संख्या को देख स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया जागरूकता अभियान
(प्रतीकात्मक फोटो)

झालावाड़: झालावाड़ जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसके रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान की शुरूआत की है. जागरूकता अभियान में शुक्रवार को झालरापाटन आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मौसमी बीमारियों तथा स्वाइन फ्लू से बचने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का वितरण किया गया. इस दौरान झालरापाटन शहर के आम लोग बड़ी संख्या में आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मौजूद रहे. 

विभागीय सूत्रों ने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सालय परिसर में ही दर्जनों औषधिय जड़ी-बूटियों से काढ़ा बनाया गया था. जिसका वितरण शहर के लोगों के बीच चिकित्सालय कर्मियों ने किया. माना जाता है कि काड़े के सेवन से कई मौसमी बीमारियों से राहत मिलती है. इसके अलावा काढ़ा एक रक्तशोधक की तरह भी कार्य करता है. 
इस संबंध में ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी सुनील मीणा ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए डोर टू डोर सर्वे करवाकर टेमीफ्लू बंटवाई जा रही है. लेकिन इसके साथ ही चिकित्सा विभाग काढ़ा वितरण कर लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का प्रयास कर रहा है. 

वहीं, आयुर्वेद चिकित्सालय के प्रभारी वैद्य राजेंद्र शर्मा ने बताया कि मौसमी बीमारियों का सर्दी के इस मौसम में खासा प्रभाव होता है. ऐसे में प्रतिवर्ष आयुर्वेदिक औषधियों से काढ़ा बनाया जाता है और उसका वितरण किया जाता है. जिसके लिए झालावाड़ शहर के अलावा जिले के अन्य भागों में भी प्रचार-प्रसार किया गया है.

आपको बता दें कि, झालावाड़ जिले में अब तक चार स्वाइन फ्लू पॉजिटिव रोगी सामने आ चुके हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यहां डोर टू डोर सर्वे भी करवाया जा रहा है. इसके अलावा स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए काढ़ा का वितरण झालरापाटन आयुर्वेदिक चिकित्सालय में किया गया है.