close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

आयुष्मान भारत को कांग्रेस सरकार ने बताया चुनावी योजना, राजस्थान में नहीं की गई लागू

पीएम मोदी ने आयुष्मान योजना को लेकर पत्र भेजे तो वो पत्र भी बोरों में बंद होकर स्वास्थ्य भवन में रखे रहे. वहीं अब कांग्रेस सरकार विपक्षी पार्टी की योजना को अपना नहीं पा रही है 

आयुष्मान भारत को कांग्रेस सरकार ने बताया चुनावी योजना, राजस्थान में नहीं की गई लागू
फाइल फोटो

जयपुर: केंद्र सरकार की हेल्थ स्कीम आयुष्मान बीमा योजना राजस्थान में सियासत की भेंट चढ़ती हुई नजर आ रही है. पूर्ववर्ती राजस्थान सरकार ने अपनी ही केंद्र सरकार की योजना की भामाशाह योजना से तुलना कर तवज्जो नहीं दी थी. तो वर्तमान कोंग्रेस सरकार ने इस योजना को पहले चुनावी योजना बताया और अब योजना के बजट को लेकर बयानबाजी में ये योजना फंस चुकी है. 

राजस्थान में पिछली भाजपा सरकार ने केन्द्र की अपनी ही सरकार की महत्वपूर्ण योजना को यह कहते हुए तत्काल अपनाने से इनकार कर दिया था कि प्रदेश में भामाशाह बीमा योजना पहले से चल रही है और तब से ही राजस्थान में कोंग्रेस सरकार इस योजना को स्वीकार नहीं कर रही है.

जब पीएम मोदी ने आयुष्मान योजना को लेकर पत्र भेजे तो वो पत्र भी बोरों में बंद होकर स्वास्थ्य भवन में रखे रहे. वहीं अब कांग्रेस सरकार विपक्षी पार्टी की योजना को अपना नहीं पा रही है और प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य योजना का दावा कर इस योजना को अटकाया हुआ है. कोंग्रेस सरकार अपनी निशुल्क दवा, जांच योजना को बढ़ावा देना चाहती है. ऐसे में केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना और पिछली सरकार की भामाशाह योजना दोनों ही योजनाओं को तवज्जो नहीं मिल रही है.

क्या है आयुष्मान भारत योजना
आयुष्मान भारत योजना देश की जनता के लिए केन्द्र सरकार की ओर से शुरू की गई स्वास्थ्य बीमा योजना है. इसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना या नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम या मोदीकेयर के नाम से भी जाना जाता है. प्रधानमंत्री ने 23 सितंबर 2018 को शुरू की थी. इस योजना के तहत हर साल चिकित्सा देखभाल के लिए 10.74 करोड़ से अधिक परिवारों को 5 लाख रुपये का वित्तीय स्वास्थ्य कवर प्रदान करना है. 

केंद्र सरकार इस योजना के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध करा रही है. केन्द्र सरकार ने आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत के अगले 200 दिनों के भीतर 21 लाख से अधिक लोगों के इलाज का दवा किया है. सरकार के दावे के अनुसार इस पर 2,600 करोड़ रुपये से अधिक पैसे खर्च हुए हैं जिसका भुगतान केंद्र सरकार ने अस्पतालों को किया है. 

इस योजना की निगरानी कर रही नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के अनुसार 25 अप्रैल तक 21.6 लाख रोगियों को योजना का लाभ मिला है, जिसके लिए 3.12 करोड़ से अधिक ई-कार्ड बनाए गए हैं. इस योजना के तहत अब तक 15,400 अस्पतालों को लिस्ट में शामिल किया गया है जिनमें से लगभग 50 फीसदी प्राइवेट हॉस्पिटल हैं. इस योजना के तहत गरीब, वंचित ग्रामीण परिवारों को फ्री इलाज मुहैया कराना है.

राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ये साफ कर चुके हैं कि आयुष्मान योजना को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से 60 प्रतिशत राशि रिलीज करनी है जो अब तक नहीं की गई है और जिस योजना को खुद पिछली सरकार की मुख्यमंत्री ही स्वीकार नहीं कर सकी उसको कैसे ठीक मान लिया जाए.