Banswara: Ganesh Ghoghra के 'आदिवासी हिंदू नहीं' बयान पर मचा घमासान, जमकर हुई निंदा

विधायक Ganesh Ghoghra के इस बयान की भाजपा जनजाति मोर्चा (BJP Janajati Morcha) ने घोर निंदा की और इस बयान को बहुत की निराशाजनक बताया.

Banswara: Ganesh Ghoghra के 'आदिवासी हिंदू नहीं' बयान पर मचा घमासान, जमकर हुई निंदा
9 मार्च को घोघरा ने विधानसभा में कहा था कि 'आदिवासी समाज हिंदू नहीं है'.

Banswara: डूंगरपुर विधायक (Dungarpur MLA) और यूथ कांग्रेस (Youth Congress) के प्रदेश अध्यक्ष गणेश घोघरा (Ganesh Ghoghra) द्वारा 9 मार्च को विधानसभा में 'आदिवासी समाज हिंदू नहीं है' के बयान पर बांसवाड़ा (Banswara) जिले में भी घोघरा का कड़ा विरोध देखने को मिल रहा है. 

यह भी पढ़ें- आदिवासियों को हिंदू नहीं मानते यह Congress MLA, राजस्थान विधानसभा में मचा हंगामा

विधायक के इस बयान की भाजपा जनजाति मोर्चा (BJP Janajati Morcha) ने घोर निंदा की और इस बयान को बहुत की निराशाजनक बताया. आज भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा जनजाति नेताओं ने जमकर गणेश घोघरा को आड़े हाथों लिया. 

भाजपा जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री धमेंद्र राठौड़ ने कहा कि यह बयान आदिवासी समाज को तोड़ने का बयान है. गणेश घोघरा ने यह बयान वोट बेंक के चक्कर में दिया है, बीटीपी और कांग्रेस दोनों की मिलीभगत से यह स्टेटमेंट जारी हुए हैं. डूंगरपुर में गणेश घोघरा की राजनीति पृष्ठभूमि खत्म हो रही है. गणेश घोघरा का नाम ही गणेश है. हमारे हिंदू धर्म के प्रथम पूजनीय गणेश भगवान का नाम से आपका नाम है और आप फिर भी हिंदू समाज का विरोध कर रहे हो. आप आदिवासी को हिंदू नहीं होने की बात कर रहे हैं, आप सबसे पहले अपना नाम बदल लीजिए. आज जिन ईसाई मिशनरी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, अगर आप ईसाई बनना चाहते हो तो बन जाइये. 

यह भी पढ़ें- BJP विधायक Saraf ने हाथ जोड़कर रखी फीस वसूली की बात, बोले- पैरेंट्स को राहत दिलाओ

 

बांसवाड़ा के पूर्व सांसद मानशंकर निनामा ने बया बयान दिया और कहा कि विधायक गणेश घोघरा और रामलाल मीणा यह दोनों विधायक हो सकते हैं. यह ईसाई होंगे या मुसलमान होंगे, कांग्रेस सरकार में यह दोनों हैं. इन दोनों का नाम भी बदल देना चाहिए. हमारे समाज को खराब करना चाह रहे हैं. 

घाटोल विधायक हरेन्द्र निनामा ने बताया कि यह बयान बहुत खराब है. यह आदिवासी समाज में फूट डालने का काम किया जा रहा है. आदिवासी समाज हमेशा से हिंदू था और रहेगा.