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Rajasthan News: बांसवाड़ा जिले में नवरात्र के दौरान देवस्थान विभाग द्वारा मंदिरों की सजावट, भोग और महाआरती के लिए निर्धारित बजट में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. विभाग ने जिले के 63 मंदिरों के लिए प्रति मंदिर 50-50 हजार रुपए का बजट तय किया था, लेकिन हकीकत में पुजारियों को नाममात्र की सामग्री देकर कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए. पुजारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें केवल एक किलो घी, एक किलो तेल, मिठाई का एक डिब्बा और कहीं 500 तो कहीं 1000 रुपए नकद दिए गए, जबकि पूरा बजट खर्च दिखा दिया गया.
देवस्थान विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर ने शिकायत मिलने के बाद जांच कराने की बात कही है. विभाग की ओर से नवरात्र में हर मंदिर में विशेष सजावट, फूल-माला, महाआरती, भोग प्रसादी जैसी व्यवस्थाएं करने के लिए टेंडर प्रक्रिया के तहत ठेकेदारों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी. जिले के 63 मंदिरों में 30 मंदिर बांसवाड़ा शहर और 33 मंदिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं.
पुजारियों ने बताया कि विभागीय बजट के अनुसार, मंदिरों में भव्य आयोजन और भोग-प्रसाद की व्यवस्था होनी चाहिए थी, लेकिन ठेकेदारों ने सिर्फ औपचारिकता निभाई और बजट की भारी अनियमितता कर दी. अधिकांश पुजारियों को यह तक नहीं पता था कि उनके मंदिर के लिए 50 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं. कुछ पुजारियों से जब इस संबंध में पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इतनी छोटी राशि देकर विभागीय फॉर्म पर हस्ताक्षर करवा लिए गए.
यह मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है. देवस्थान विभाग की ओर से जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है. यदि पुजारियों के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह एक बड़ा वित्तीय घोटाला साबित हो सकता है. धार्मिक स्थलों से जुड़े इस तरह के मामलों से लोगों की आस्था पर भी आंच आती है, जिससे विभाग की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं.