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Banswara News : राजस्थान प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में बिजली की खपत को कम करने और बिजली बिलों से छुटकारा पाने के लिए करीब छह साल पहले राज्य सरकार ने एक निजी कंपनी के साथ सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए समझौता किया था. इस योजना के तहत कई जिलों में काम शुरू भी हुआ, लेकिन बांसवाड़ा का जिला अस्पताल आज भी लाखों का बिजली बिल चुका रहा है, क्योंकि यहाँ यह योजना धूल फांक रही है.
अस्पताल में सौर ऊर्जा के लिए लाई गई सोलर पैनल खुले स्थान पर पड़े हुए हैं और अभी तक इसको लगाया नहीं गया है, जिससे महात्मा गांधी चिकित्सालय को हर माह लाखों रुपए बिजली की एवज में जमा करने पड़ रहे हैं. यदि सोलर पैनल समय पर लग जाता तो एक तरफ अस्पताल का लाखों रुपए बच जाते वहीं मरीजों को बिजली कटौती के संकट का सामना नहीं करना पड़ता.
खास तौर पर गर्मी के मौसम में, जब अस्पताल में एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ जाता है. गर्मी के मौसम में बांसवाड़ा जिला अस्पताल में बिजली की खपत प्रति माह 50 हजार यूनिट तक पहुंच जाती है, जिसकी वजह से हर महीने 7 से 8 लाख रुपए का बिजली बिल आता है.
इस भारी भरकम राशि का सीधा असर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ता है. अगर यह पैसा बचता, तो इसे मरीजों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था. पर सोलर प्लेट लगाने वाली कंपनी की लापरवाही के कारण आज भी हॉस्पिटल में सोलर प्लेट नहीं लगी है
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