&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Banswara News: बच्चों को खांसी में दिया जाने वाले डेक्स्ट्रोमेथोर्फन सिरप (Dextromethorphan HBr Syrup IP 13.5mg/5ml (440)) के सेवन से बच्चे बीमार हो रहे हैं. ऐसे मामले बांसवाड़ा में भी सामने आए हैं. इस दवा के ओवर डोज के लक्षणों से मिलते जुलते 5 से 6 बच्चे पिछले दिनों एमजी अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं लेकिन चिकित्सक इस मामले मे आंकड़े बताने मे कतराते नजर आए.
प्राथमिक तौर पर दवा के ओवर डोज के कारण बच्चों के बीमार पड़ने की बात समाने आई है. सोमवार शाम को भी एमजी अस्पताल में एक बच्चे को भर्ती किया गया. प्रदेश में भरतपुर में दो मामले और सीकर में बच्चे की मौत के बाद सरकार ने दवा पर रोक लगा दी है.
यहां बांसवाड़ा के भी सरकारी अस्पतालों में दवा के उपयोग और वितरण रोक दिया गया है. बांसवाड़ा में इस दवा की 50 हजार सिरप की खेप मिली थी. इनमें से 13 हजार सिरप सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की जा चुकी हैं.स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को सभी अस्पताल प्रभारियों को इस सिरप का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए हैं.
यह है डेक्स्ट्रोमेथोर्फन सिरप
डेक्स्ट्रोमेथोर्फन सिरप खांसी मिटाने के लिए दी जाती है. यह दवा सूखी खांसी या हल्की खांसी के इलाज में मदद करती है, खासकर जब खांसी सर्दी, फ्लू या अन्य श्वसन समस्याओं के कारण होती है. सिरप का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है. खासकर यदि मरीज को अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं.
दवा के ओवरडोज के यह लक्षण
चक्कर और बेहोशी,अत्यधिक नींद या सुस्ती,श्वसन दर धीमी होना, हृदय गति में बदलाव,मांसपेशियों में कमजोरी या दर्द,उल्टी या दस्त.
वहीं, खांसी की सिरप पीने से बच्चे की मौत के मामले को लेकर डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा कि हमारी सरकार गंभीर है. मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच शुरू कर दी. इस मामले में जो जांच के बाद दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त एक्शन होगा.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Banswara News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!