बांसवाड़ा बना जानलेवा गड्ढों का गढ़, टूटी सड़कों से बढ़े सड़क हादसे

Banswara news: 100 टापूओं के नाम से जाना जाने वाला राजस्थान का बांसवाड़ा जिला अब हजारों जानलेवा गड्ढों के नाम से मशहूर होता जा रहा है. इस जिले से गुजर रहे नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे और ग्रामीण सड़कों के हाल बहुत बुरे हो चुके हैं.

बांसवाड़ा बना जानलेवा गड्ढों का गढ़, टूटी सड़कों से बढ़े सड़क हादसे
Image Credit: Banswara news

Banswara news: 100 टापूओं के नाम से जाना जाने वाला राजस्थान का बांसवाड़ा जिला अब हजारों जानलेवा गड्ढों के नाम से मशहूर होता जा रहा है. जी हां इस जिले से गुजर रहे नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे और ग्रामीण सड़कों के हाल बहुत बुरे हो चुके हैं. बरसात में यह जिला बहुत खूबसूरत हो जाता है. मगर जिले की सड़कों के कारण इस खूबसूरती में दाग लग रहा है.

एक तरफ तो सरकार और जिला प्रसाशन पर्यटको को बांसवाड़ा जिले में आने के लिए आग्रह कर रहा है. वहीं दूसरी ओर नेशनल हाइवे और pwd के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिली भगत से हुए घटिया सड़क निर्माण ने पर्यटको को यहां लाने में बांधा डाल रहे हैं. जिले की अधिकतर सड़के जानलेवा बनी हुई हैं और रोजाना इन सड़कों पर हादसे हो रहे हैं, लेकिन इस गंभीर विषय की ओर किसी का भी ध्यान नहीं जा रहा है.

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अगर जिले की सड़कों का यही हाल रहा, तो पर्यटक क्या यहां की जनता भी सड़क पर वाहन चलाना बंद कर देगी. इस पूरे मामले में कांग्रेस से विधायक अर्जुन सिंह बामनिया ने सरकार और जिला प्रसाशन की लापरवाही बताया है. वहीं बीजेपी जिला अध्यक्ष पूंजीलाल गायरी नें कहा कि बरसात रुकते ही सड़कें ठीक हो जाएंगी. इन सबके अलावा जिला कलेक्टर नें कहा है कि संबंधित सभी विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दे दिए हैं.

बांसवाड़ा जिले में शहर से वजवाना तक NH 927ए की सड़क पूरी तरह से जानलेवा और घटिया निर्माण की भेंट चढ़ गई है. इस सड़क का जब निर्माण हुआ था तभी पहली बरसात में यह सड़क टूट गई थी. इस सड़क पर कई हादसे हुए, जिसमें कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए.

NH की दूसरी सबसे ज्यादा खतरनाक सड़क NH 56 सागदौद से मोनाडूंगर तक की सड़क है. यह सड़क भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है. यह सड़क भी जब से बनी तभी से टूटी हुई है और इस सड़क पर तो सबसे अधिक हादसे हुए और लोगों की जान गई है फिर भी विभाग इस ओर कोई एक्शन नहीं ले रहा है.

बांसवाड़ा जिले की PWD की अधिकतर सड़के पूरी तरह से जानलेवा हो चुकी है. मलवासा से बागीदोरा, बड़ोदिया, पालोदा, सज्जनगढ़ से कुशलगढ़, गंगाड़तालाई, अंबापुरा, चिड़ियावासा से तलवाडा, नोगामा, छोटी सरेडी, डूंगरा, दानपुर, भापौर सहित कई सड़कें हैं, जो टूटी हुई हैं और इन सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिससे रोजाना हादसे हो रहे हैं.

बड़ी बात यह है कि PWD के अधिकारी और ठेकेदार मस्त हैं. जनता इन टूटी सड़कों के कारण परेशान है. बांसवाड़ा जिले में NH और PWD विभाग की सड़कें बनी और ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण भी हुआ और पहली बरसात ने इन घटिया सड़क निर्माण की पोल भी खोल दी. लेकिन इन ठेकेदारों और अधिकारियों पर आजतक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है. इतना ही नहीं घटिया निर्माण वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेट भी नहीं किया गया है.

बांसवाड़ा जिले की टूटी सड़कों पर हुए हादसो में कई वाहन चालको ने अपनी जान गवाई है. इन सभी की मौत का जिम्मेदार कौन है, जिस पर एक्शन लिया जा सके. जिले में अधिकतर हादसे टूटी सड़को के कारण हो रहे हैं और इन हादसो का जिम्मेदार भी विभाग, प्रसाशन और ठेकेदार हैं.

बांसवाड़ा जिले की अधिकतर टूटी सड़कों से हो रही जनता को परेशानी का समाधान कोई नहीं कर रहा है. अब लगता है कि जनता जबतक टूटी सड़कों को ठीक करने के लिए आंदोलन नहीं करेंगी, तब तक NH, PWD और प्रसाशन की नींद नहीं खुलेगी.

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Aman Singh

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अमन सिंह को डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव है और वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. वे राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर पैनी नजर रखते हैं और उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अच्छे तरीके से प्रस्तुत करने में सक्षम हैं. करीब 3 साल के डिजिटल मीडिया अनुभव के साथ अमन ने न्यूज़ प्रोडक्शन, कंटेंट क्रिएशन और स्टोरीटेलिंग में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. जून 2023 से ज़ी राजस्थान के साथ कार्यरत अमन लगातार अपनी क्रिएटिविटी और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद खबरें पहुंचा रहे हैं. वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं, अमन ने जौनपुर से ही अपनी इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. डिजिटल पत्रकारिता में गहरी समझ, तेज खबर पकड़ने की क्षमता के कारण अमन सिंह एक उभरते हुए और भरोसेमंद मीडिया प्रोफेशनल के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं.