Baran कलेक्टर Indra Singh Rao कई रिश्वतकांड में शामिल, जानिए भ्रष्टाचार की कहानी !

बारां कलेक्टर इंद्र सिंह राव (Indra singh Rao) अपने पीए के जरिए रिश्वत की रकम लेता था. एसीबी (ACB) ने बारां कलेक्टर इंद्र सिंह राव (Indra singh Rao) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.

Baran कलेक्टर Indra Singh Rao कई रिश्वतकांड में शामिल, जानिए भ्रष्टाचार की कहानी !
एसीबी ने कलेक्टर इंद्र सिंह राव के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली है.

राम मेहता, बारां: जिले में घूसखोरी (Bribery) को लेकर जिला कलेक्टर की भूमिका पाए जाने के बाद प्रशासनिक महकमे (Administrative affairs) में खलबली मची है. एक जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक मुखिया का रिश्वतखोरी (Corruption) में नाम सामने आने के बाद सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या सरकारी विभाग में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता है?

यह भी पढ़ें- Baran कलेक्टर का पीए 1 लाख 40 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार, कलेक्टर इंद्र सिंह राव APO

बारां कलेक्टर इंद्र सिंह राव (Indra singh Rao) अपने पीए के जरिए रिश्वत की रकम लेता था. एसीबी (ACB) ने बारां कलेक्टर इंद्र सिंह राव (Indra singh Rao) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. पीए महावीर नागर के 1.40 लाख रुपये घूस लेते पकड़े जाने पर सरकार ने उन्हें एपीओ किया था. एसीबी (ACB) ने कलेक्टर इंद्र सिंह राव के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली है. इस केस में जांच अधिकारी नियुक्त होने के बाद नियमानुसार उनसे पूछताछ शुरू की जाएगी.

यह भी पढ़ें- बारां: रिश्वत मामले में DM की बढ़ी मुसीबतें, FIR में दर्ज हुआ नाम, मोबाइल जब्त

पीए ने लिया था कलेक्टर का नाम
एसीबी (ACB) ने जब रिश्वत के मामले में कलेक्टर के पीए को ट्रैप किया तो उन्होंने एसीबी (ACB) के सामने कबूला कि रिश्वत की यह रकम पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने की एवज में उन्होंने कलेक्टर के लिए ली है. कलेक्टर के पीए महावीर नागर कोर्ट ने 24 दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. एसीबी (ACB) ने शुरुआत से ही कलेक्टर की भूमिका को संदिग्ध माना था. कलेक्टर से पूछताछ के बाद एसीबी (ACB) ने उनका मोबाइल भी जब्त कर लिया.

भ्रष्ट अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग तेज़
सांगोद से कांग्रेस विधायक भरत सिंह (Bharat Singh) ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को एक पत्र लिखकर एसीबी (ACB) द्वारा पकड़े गए भ्रष्ट अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग कर दी है. उन्होंने बारां कलेक्टर को भ्रष्टचार की मिसाल बताया है. विधायक ने पत्र में लिखा कि विडंबना है कि बारां जिले में ईमानदार अधिकारी रह नहीं सकता है और भ्रष्ट अधिकारी हट नहीं सकता है. विधायक के इस पत्र के कई मायने निकाले जा रहे हैं.

इंद्र सिंह राव के दामन में कई दाग
इंद्र सिंह राव अपने 31 साल के प्रशासनिक सेवा के कार्यकाल में राव 6 बार एपीओ और एक बार सस्पेंड हो चुके हैं. इन्हें अपनी सर्विस की शुरुआत ट्रेनिंग के बाद 11 मई 1990 को हनुमानगढ़ (Hanumangarh) में विकास अधिकारी पद से की थी. अब तक 46 स्थानों पर पोस्टिंग पर रह चुके हैं. प्रमोटी आईएएस इंद्र सिंह को राज्य सरकार (State Government) ने 25 दिसंबर 2018 को बारां जिले का कलेक्टर बनाया था. इंद्र सिंह आरएएस अफसर थे, लेकिन बाद में  प्रमोशन से आईएएस बने. इंद्र सिंह कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं. उन पर छठी बार कार्रवाई की गई है. इंद्र सिंह राव कलेक्टर बनने से पहले रेवेन्यू बोर्ड अजमेर के सदस्य थे. इंद्र सिंह एडीएम (सिटी) बीकानेर समेत राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. श्रीगंगानगर (Sri Ganganagar) और हनुमानगढ़ (Hanumangarh) के एसडीएम भी रह चुके हैं.

जयपुर के निवासी इंद्र सिंह राव
मूलरूप से राजस्थान (Rajasthan) की राजधानी जयपुर के रहने वाले हैं. 1 जून 1962 को जन्मे इंद्रसिंह राव (Indrasingh Rao) ने बीई सिविल, एमई जीओ टेक, एलएलबी और एलएलएम की डिग्री ले रखी है. वर्ष 1989 बैच के राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी इंद्रसिंह राव (Indrasingh Rao) ने 31 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया. अपनी सर्विस की शुरुआत ट्रेनिंग के बाद 11 मई 1990 को हनुमानगढ़ में विकास अधिकारी पद से की थी. आरएएस से आईएएस में प्रमोट करने के बाद इंद्रसिंह राव (Indrasingh Rao) को भाजपा सरकार ने राजस्व मंडल में लगाया था. फिर वर्ष 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार ने इन्हें बारां में जिला कलेक्टर पद पर लगाया था.

बारां में भी दो साल के कार्यकाल में खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ओर विधायक पानाचंद मेघवाल के बेहद नजदीक रह चुके हैं. इसके बिना जिले में पत्ता तक नहीं हिलता था. सभी राव के कार्याकाल में एक दर्जन से अधिक पेट्रोल पम्पों की एनओसी जारी की गई. अब पम्प मालिक दबी जुबान से रिश्वत देने की बात कर रहे हैं.

Copy- sujit kumar niranjan