आवारा जानवरों से परेशान हुआ बारा, शिकायतों के बाद भी प्रशासन नहीं ले रहा एक्शन

बारां शहर के सडकों पर में मवेशियों का ऐसा जमघट है कि मानो जैसे सड़क पर ही गौशाला खुली है.

आवारा जानवरों से परेशान हुआ बारा, शिकायतों के बाद भी प्रशासन नहीं ले रहा एक्शन
मवेशियों द्वारा हमलें में तीन दर्जन से अधिक वाहन चालक और राहगीर लोग घायल हो चुके हैं.

बारां: शहर की सड़कों पर मवेशियों के जमघट से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. खबर के मुताबिक सड़कों पर आवार घूमते मवेशियों ने अब तक कई लोगों को घायल कर दिया है. यहां तक की आवारा मवेशियों को कारण उब तक शहर में कई लोगों की मौत भी हो चुकी है.

बारां शहर के सडकों पर में मवेशियों का ऐसा जमघट है कि मानो जैसे सड़क पर ही गौशाला खुली है.आवारा मवेशियों ने ही शहर की सडकों पर कब्जा कर रखा है. आवारा मवेशियों के कारण दुर्घटनाओं में आम लोगों के साथ-साथ सड़कों पर बैठे मवेशियों को भी दुर्घटना का शिकार होना पड़ रहा है. शहर के मुख्य मार्ग सहित अंदर के रास्तों जैसे प्रताप चौक, चारमूर्ति चैराहे, खजूरपुरा चैराहें, कोटा रोड आरओबी ,नगर परिषद के बाहर सहित पूरे शहर में सडकों मवेशीयों का कब्जा है.

बारिश के दिनों में सड़कों पर मवेशियों का डेरा होने से वाहन चालकों के साथ आमजन को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रात में स्थिति और खराब हो जाती है. वाहनों की लाइट में ज्यादा दूर नहीं दिखने के कारण वाहन चालक सड़को पर बैठे मवेशियो से टकरा रहे है. साथ ही इससे छोटे वाहन चालक भी घायल हो रहे है. तो दूसरी ओर भारी वाहनों के कारण मवेशियों को भी दुर्घटना का शिकार होना पड़ रहा है. 

खबरों की मानें तो पिछलें 6 माह में शहर में मवेशियों से टकरानें और मवेशियों द्वारा हमलें में तीन दर्जन से अधिक वाहन चालक और राहगीर लोग घायल हो चुके हैं. जबकि आधा दर्जन लोगों की मौत भी हो चुकी है.

शहर की नगर परिषद की अनदेखी के कारण शहर में आवारा मवेशियों का जमघट है. हालांकि नगर परिषद मे गोशाला के नाम पर हर साल लाखों रुपए का फंड आता है लेकिन अब तक शहर इन आवारा मवेशियों के मुक्त नहीं हो पाया है. वहीं जिलें में दर्जनों गौशाला स्वंय सेवी संस्थाओ ने खोल रखी है लेकिन वह भी इन आवारा पशुओं के लिए कुछ करते नजर नहीं आते. 

शहर के लोगों में भी आवारा पशुओं के लेकर हो रही घटनाओं के कारण काफी गुस्सा है. जनता का मानें तो उन्होनें कई बार इस मसले की शिकायत इलाके के नेताओं के पास भी की लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई. कई पार्टियां तो गौ सेवा और गौ भक्ति के नाम पर राजनीति चकमा रहें है लेकिन आवारा मवेशियों के शहर में लगें जमघट को रोकने वाला कोई नहीं है.