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Baran News: राजस्थान के बारां जिले में, शाहाबाद क्षेत्र के पुराने फरेदुआ गांव के पास, एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. राष्ट्रीय राजमार्ग 27 के किनारे स्थित सैकड़ों बीघा वन भूमि से हरे-भरे पेड़ों को काटकर अतिक्रमण किया गया है. आरोप है कि यह सब वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है.
भू-माफियाओं का दुस्साहस
करीब 500 बीघा वन भूमि पर अज्ञात व्यक्तियों ने रात के समय हरे पेड़ों की कटाई कर दी और ट्रैक्टर की मदद से जमीन की जुताई कर उसे खेती लायक बना दिया. इस घटना ने ग्रामीणों को स्तब्ध कर दिया है, जिन्होंने इस अवैध कटाई का कड़ा विरोध किया है.
ग्रामीणों का कहना है कि यह अतिक्रमण भू-माफियाओं द्वारा किया जा रहा है और उनके हौसले इतने बुलंद हैं कि वे किसी से नहीं डर रहे. उन्होंने चिंता जताई कि अगर ऐसा ही चलता रहा, तो आने वाले समय में उनके पशुओं के लिए चारागाह या रहने की जगह नहीं बचेगी.
वन विभाग पर लगे गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों ने सीधे तौर पर वन विभाग की मिलीभगत का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि इस तरह बड़े पैमाने पर रात के समय पेड़ों को काटना और जमीन को खेत में बदलना बिना अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं है. ग्रामीणों ने यह भी बताया कि खेत के पास अज्ञात लोगों ने अपनी झोपड़ियां (टापरी) भी बना ली हैं, जो उनके इरादों को साफ दर्शाती है.
भविष्य की चिंता
यह घटना न केवल पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा है, बल्कि यह स्थानीय आदिवासी और ग्रामीण समुदायों की आजीविका पर भी सीधा हमला है. यह देखना बाकी है कि प्रशासन और सरकार इस मामले में क्या कदम उठाते हैं. ग्रामीणों की मांग है कि इस अवैध अतिक्रमण को तुरंत रोका जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और वन भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए.
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