Baran News: राजस्थान के बारां जिले में भारी बारिश के चलते कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. प्रमुख नदियां और तालाब उफान पर हैं, वहीं कई नाले ओवरफ्लो होने से सड़कें जलमग्न हो गई हैं. ऐसे में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है.
&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Baran News: जिले में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. प्रमुख नदियां और तालाब उफान पर हैं, वहीं कई नाले ओवरफ्लो होने से सड़कें जलमग्न हो गई हैं. ऐसे में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है.
सोमवार को जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर और पुलिस अधीक्षक राजकुमार चौधरी ने एडीएम जबर सिंह, तहसीलदार अभय राज व अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ ऊनी, केलवाड़ा, भंवरगढ़, किशनगंज और दैगनी पुलिया क्षेत्र का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को सतर्कता बरतने, जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आमजन को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए.
अचानक सूचना मिली कि ग्राम पंचायत ख्यावदा की सीमा पर स्थित ग्राम पीतामपुरा व रामपुरा के मध्य चारागाह भूमि पर रुके हुए पाली, ब्यावर, अजमेर, भीलवाड़ा व प्रतापगढ़ जिलों से आए भेड़पालक पार्वती नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण नदी के टापू में फंस गए हैं. तत्काल एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा गया.
अतिरिक्त जिला कलक्टर शाहबाद, तहसील प्रशासन और जिला अधिकारी बारां से मौके पर पहुंचे. दैगनी पुलिया के रास्ते से प्रशासनिक टीम वहां पहुंची, जहां 21 पुरुष, 8 महिलाएं और बच्चे, कुल 29 लोग, 2450 भेड़, 31 ऊंट, 1 खच्चर, 9 कुत्ते फंसे हुए थे.
एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों की मदद से देर शाम तक सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया और ग्राम रामपुरा सुंडा के प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट किया गया. ग्राम पंचायत की ओर से भोजन व पानी की व्यवस्था भी करवाई गई. राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई.
जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर पूरी रेस्क्यू कार्रवाई की निगरानी करते रहे. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलमग्न क्षेत्रों से दूर रहें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें.