बाड़मेर: दलित युवक की पुलिस हिरासत में मौत, 24 घंटे से शव के साथ भूखे-प्यासे बैठे परिजन

राजस्थान के बाड़मेर में दलित युवक की पुलिस हिरासत में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. 

बाड़मेर: दलित युवक की पुलिस हिरासत में मौत, 24 घंटे से शव के साथ भूखे-प्यासे बैठे परिजन
बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और जालौर से लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है.

बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर में दलित युवक की पुलिस हिरासत में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. अभी तक परिजनों ने शव को नहीं उठाया है. परिजन और समाज के लोग आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. 24 घंटे से परिजनों ने कुछ भी खाया पिया नहीं है.

वहीं, पुलिस के आला अधिकारी परिवार और लोगों से मुलाकात कर रहे हैं, लेकिन परिवार और समाज के लोग आर्थिक सहयोग के साथ ही पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े हुए हैं. वहीं, मामले को लेकर एडीजी रवि प्रकाश मेहरा भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की.

उनका कहना है कि इस पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है, जिसकी विस्तृत जांच चल रही है और परिजनों की जो मांग है उसको राज्य सरकार को भेजा गया है. वहीं, समाज के लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई. तो लोग सड़कों पर आकर प्रदर्शन करेंगे.

बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और जालौर से लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है, जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुलिस मोर्चरी के आसपास जाब्ता तैनात रख दिया. आपको बता दें कि  बाड़मेर जिले के ग्रामीण थाने में पुलिस हिरासत में युवक की मौत हो गई थी. मामले ने तूल पकड़ा तो राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता दिखाते हुए पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी को एपीओ कर दिया. सीओ विजय सिंह चारण को भी एपीओ कर दिया और पूरे थाने को लाइन हाजिर कर दिया है.

मंत्री हरीश चौधरी का बयान आया है. हरीश चौधरी ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने पुलिस अधीक्षक को एपीओ कर दिया है. पूरे थाने के खिलाफ कार्रवाई हुई है. वहीं, शांति धारीवाल ने कहा कि 27 फरवरी को जितेंद्र को सीने में दर्द की शिकायत पर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. इस मामले में उपनिरीक्षक, दो हेड कांस्टेबल, 14 कांस्टेबल लाइन हाजिर कर दिए गए हैं और न्यायिक मजिस्ट्रेट मामले की जांच कर रहे हैं.