बाड़मेर: पुलिस हिरासत में दलित युवक के मौत को लेकर इन मांगों पर अड़े परिजन

मृतक के परिजन व दलित समाज के लोग अब तक कि वार्ता से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं और वह अपनी मांगों पर अड़े हुए है.  

बाड़मेर: पुलिस हिरासत में दलित युवक के मौत को लेकर इन मांगों पर अड़े परिजन
48 घंटे बीत जाने के बावजूद भी दलित समाज के लोग व परिजन मानने को तैयार नहीं है.

भूपेश आचार्य/बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर के ग्रामीण थाने में अवैध हिरासत में दलित युवक के मौत का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. इस मामले की गम्भीरता को देखते हुए सरकार ने पहले SP को फिर जोधपुर रेंज आईजी नवज्योति गोगोई को मौके पर भेजा. उसके बाद ADG रवि प्रकाश मेहरड़ा को मौके पर भेज वार्ता कर परिजनों व समाज के लोगों से समझाइश की लेकिन चार दौर की वार्ता लगातार असफल होने के बाद अब बाड़मेर विधायक मेवा राम जैन को भेजा गया है. लेकिन मृतक के परिजन व दलित समाज के लोग अब तक कि वार्ता से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे और वह अपनी मांगों पर अड़े हुए है.                                               

लगातार, 48 घंटे बीत जाने के बावजूद भी दलित समाज के लोग व परिजन मानने को तैयार नहीं है. दलित समाज के लोग व परिजनों की एक करोड़ मुआवजा, सरकारी नोकरी, भूखंड, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के साथ अब CBI जांच की मांग कर रहे है. इनका कहना है कि राजस्थान की पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है. जब तक हमारी मांग को नहीं माना जाएगा, तब तक किसी भी तरह की कोई समझौता नहीं होगा. 

वहीं, अब जैसे-जैसे समय बीत रहा है, वैसे-वैसे इस मामले में दलित समाज के साथ भाजपा नेता भी शामिल हो रहे है. इसे लोकसभा तक पहुंचाने के लिए बाड़मेर पहुंचे अर्जुन मेघवाल के बेटे रवि मेघवाल का कहना है कि गहलोत सरकार दो भागों में बटी हुई है. जिसके चलते अधिकारी बेलगाम हो गए. आए दिन इस तरह के की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. मैं, इस पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मंत्री अर्जुन मेघवाल को दूंगा. वह, इस पूरे मामले को संसद व एससी एसटी कमीशन के समक्ष रखेंगे साथ ही हम लोग इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच की मांग कर रहे हैं

सरकार की ओर से पहले एडीजी रवि प्रकाश मेहरा के साथ लगातार चार दौर की वार्ता विफल होने के बाद अब बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन बाड़मेर पहुंच गए हैं. बाड़मेर पहुंचने के बाद सबसे पहले धरना स्थल पर पहुंचकर उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया. साथ ही, यह आश्वासन भी दिया कि राजस्थान सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ में है. हर संभव न्याय व मदद करने का प्रयास करेगी.                                 

वहीं, मोर्चरी में दलित जीतू खटीक का शव पिछले 48 घंटे से लगातार पड़ा है. परिजन व दलित समाज के साथ अब राजनीतिक लोग भी इस परिवार को न्याय दिलाने के लिए उतर गए है.