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बाड़मेर: त्रिवेणी संगम के बाद उफान पर मरू गंगा, प्रशासन ने बंद किए रास्ते

सुकड़ी, बांडी, लूनी नदी के त्रिवेणी संगम के बाद मरू गंगा अब अपने पूरे वेग के साथ बह रही है. जिसके चलते कई जगहों पर रास्ते बंद हो गए हैं.

बाड़मेर: त्रिवेणी संगम के बाद उफान पर मरू गंगा, प्रशासन ने बंद किए रास्ते
लूनी नदी में पानी में आवक से बाड़मेर जिले के लोगों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है

भूपेश आचार्य/बाड़मेर: राजस्थान सहित देश के कई हिस्सों में पानी ने हाहाकार मचा रखा है तो वहीं राजस्थान के बाड़मेर जिले में इस बार सामान्य से कम बारिश हुई है लेकिन बरसों बाद तीन नदियों का संगम हुआ है. सुकड़ी, बांडी, लूनी नदी के त्रिवेणी संगम के बाद मरू गंगा अब अपने पूरे वेग के साथ बह रही है. जिसके चलते कई जगहों पर रास्ते बंद हो गए हैं. लूनी नदी में पानी में आवक से बाड़मेर जिले के लोगों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. सैकड़ों लोग लूनी नदी में पानी देखने के लिए उमड़ रहे हैं.

वहीं पानी बालोतरा कस्बे से पार कर गया है. पुलिस ने एहतियात के तौर पर सभी जगहों पर लोगों को दूर रहने के निर्देश दिए हैं. रेगिस्तान के इलाकों में जो कि दूर-दूर तक रेगिस्तान नजर आ रहा था वह आज लूनी नदी में पानी की आवक से पानी ही नजर आ रहा है. चारों तरफ आप देख सकते हैं कि पानी नजर आ रहा है. वहीं लूनी नदी में पानी आवत के बाद बाड़मेर जिले के लोगों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. कोई लूनी नदी की पूजा अर्चना कर रहा है तो कोई स्वागत करते नजर आ रहा है.

लोगों का कहना है कि जिस तरीके से बाड़मेर जिले में कम बारिश बनी हुई है लेकिन तीनों नदियों के त्रिवेणी संगम के बाद मरू गंगा लूनी नदी में पानी की आवक अगर अच्छी होती है तो पानी का रिचार्ज कुआं में अच्छा हो जाएगा. जिससे कि किसानों के साथ ही मवेशियों को पीने के लिए पानी मिल जाएगा. पानी की आवक अधिक व वेग तेज होने से पानी लगातार तेजी से आगे बढ़़ रहा है. प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है. नदी के दोनों किनारों पर बेरिकेटिंग लगाकर आवागमन बन्द कर दिया है. समदड़ी से सिवाना, जालोर व पाली आवागमन का रास्ता बंद हो गया. नदी तट पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. 

जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने आमजन से अपील की है कि मौजूदा समय में लूनी नदी में पानी की आवक चल रही है. ऐसे में खतरे की आशंका वाले इलाकों से आमजन को दूर रहें. पानी के बहाव वाले इलाकों में पैदल अथवा वाहन के जरिए रपट पार करने की कोशिश नहीं करें. यह वही रेगिस्तान है जहां पर पानी की एक-एक बूंद के जतन करना पड़ता है.