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बाड़मेर: उत्कृष्ट कार्यो के लिए खिवसिंह भाटी को CM अशोक गहलोत ने किया सम्मानित

खिवसिंह भाटी ने 10 जनवरी 1983 को उप निरीक्षक के रूप में पुलिस सर्विस ज्वाइन किया था. इस दौरान उनका ट्रांसफर गंगानगर बॉर्डर पर हो गया.

बाड़मेर: उत्कृष्ट कार्यो के लिए खिवसिंह भाटी को CM अशोक गहलोत ने किया सम्मानित
खिवसिंह भाटी अब तक 19 आतंकवादियों को गिरफ्तार कर चुके हैं.

भूपेश आचार्य/बाड़मेर: राजस्थान पुलिस के जांबाज अफसर ने पंजाब में उग्रवाद के दौरान श्री गंगानगर जिले में अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम देते हुए आतंकवाद को खात्मा करने के लिए अपनी पूरी जी जान लगा दी. इस दौरान 19 से ज्यादा आतंकवादी को को जिंदा पकड़ा तो आतंकवादियों के गुटों की ओर से कई बार उसके और उसके परिवार को मारने की धमकियां मिली, लेकिन उस जांबाज अफसर ने हमेशा आतंकवाद के खात्मे के लिए अपनी ड्यूटी को बखूबी निभाया. और यह जांबाज पुलिस अफसर कोई और नहीं बाड़मेर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खिवसिंह भाटी हैं. जिन्होने हाल ही में 15 अगस्त को राष्ट्रपति के पुलिस पदक से सम्मानित किया इससे पहले 2005 में डॉ अब्दुल कलाम साहब ने भी सम्मानित किया था. 

खिवसिंह भाटी ने 10 जनवरी 1983 को उप निरीक्षक के रूप में पुलिस सर्विस ज्वाइन किया था. इस दौरान उनका ट्रांसफर गंगानगर बॉर्डर पर हो गया. उस समय पाकिस्तान से सटे गंगानगर के बीच में कोई तारबंदी ही नहीं थी, लिहाजा आतंकवाद अपने चरम पर था क्योंकि पंजाब में उग्रवाद चल रहा था और पंजाब से सटा था गंगानगर. खिवसिंह भाटी बताते हैं कि उन्हें शुरू से ही चुनौती लेना पसंद था लिहाजा उन्होंने गंगानगर जिले में आतंकवाद को खत्म करने के लिए चुनौती ली. 

इस दौरान वहां की जनता ने उनका पूरा साथ दिया जिसके चलते अब तक अपनी ड्यूटी के दौरान खिवसिंह भाटी 19 आतंकवादियों को गिरफ्तार कर चुके हैं. वहीं पांच पाकिस्तानी जासूसों को भी गिरफ्तार कर चुके हैं, एके-47 26 राइफल बरामद कर चुके हैं. साथ ही वह सोना, रॉकेट लॉन्चर, बारूद हैंड ग्रेनेड सहित कई अन्य सामग्रियां पकड़ चुके हैं. भाटी के थाना अधिकारी के पद पर कार्यरत रहते हुए आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए किए गए कार्य और प्रत्येक क्षेत्र में रुचि को रखते हुए कार्य करने की क्षमता के मदद नजर रखते हुए 30 जुलाई 2000 को उप अधीक्षक पद एसीबी इन्वेस्टिगेशन पद स्थापित किया गया.

भाटी को उत्कृष्ट कार्यो के मद्देनजर रखते हुए डॉ एपीजे अब्दुल कलाम भारत सरकार के सराहनीय सेवा मेडल से वसुंधरा राजे ने 15 अगस्त 2005 को सम्मानित किया था. इस बार राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रपति पुलिस पदक सेवा से सम्मानित किया है. इस दौरान भाटी बताया कि छोटी सी उम्र में उनके पिता चले गए थे. उसके बाद वह अपनी बुआ के घर पर रहे थे. इस दौरान उनके फूफा जी पुलिस में थानेदार हुआ करते थे. उन्हीं को उन्होंने आदर्श मानकर पुलिस सेवा को जॉइन किया था. अब तक का 37 साल के सफर के दौरान 200 से ज्यादा उत्कृष्ट कार्यो के लिए सम्मान मिल चुका है. भाटी कहते हैं कि हर पुलिसकर्मी को अपनी ड्यूटी बड़ी ईमानदारी से करनी चाहिए इसके लिए उसे अपनी जनता में गहरी पैठ जमानी चाहिए. किसी भी काम को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग होनी चाहिए. इस दौरान भाटी भगवान का शुक्रिया अदा करते हुए कहते हैं कि उनका आशीर्वाद हमेशा उनके साथ था भाटी अब तक राजस्थान के कई जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 

आतंकवाद का खात्मा करने के दौरान ऐसा भी समय आया जब इस जांबाज पुलिस अफसर को पुलिस की ओर से हथियारबंद कमांडो के बीच रहना पड़ता था. आए दिन आतंकवादी धमकियां देते रहते थे. शायद आज के जमाने में ऐसे पुलिस अफसर कम मिलते हैं जो कि अपनी जान की बाजी लगाकर अपनी सेवा के प्रति समर्पित रहते हैं और उसी का उदाहरण है खिवसिंह भाटी.