Pakistan से भारत लौटेंगी दो दुल्हनें, Pulwama Attack और Surgical Strike में अटका प्यार

दोनों देशों में बीच आई कड़वाहट के बाद केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी (Kailash Chaudhary) के प्रयासों से दो साल बाद पाक की बेटियां आज बहू बनकर वाघा अटारी बॉर्डर के रास्ते भारत आ रही हैं.

Pakistan से भारत लौटेंगी दो दुल्हनें, Pulwama Attack और Surgical Strike में अटका प्यार
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Barmer: सिंध (Sindh) और हिंद (Hind) के बीच में आज भी रोटी और बेटी का रिश्ता कायम है. दो साल पहले पश्चिमी राजस्थान (Rajasthan) के बाड़मेर-जैसलमेर (Barmer-Jaisalmer) के दो बेटों को शादी पाकिस्तान (Pakistan) के सिंध इलाके के अमरकोट में हुई थी. 

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दोनों देशों में बीच आई कड़वाहट के बाद केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी (Kailash Chaudhary) के प्रयासों से दो साल बाद पाक की बेटियां आज बहू बनकर वाघा अटारी बॉर्डर के रास्ते भारत आ रही हैं.

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बाड़मेर-जैसलमेर के दो दूल्हे जनवरी-फरवरी 2019 में भारत से बारात लेकर पाकिस्तान के सिंध इलाके में शादी रचाने के लिए गए. शादी की रस्म पूरी हो गई, लेकिन इसके बाद विदाई से पहले पुलवामा हमला (Pulwama Attack) और उसके बाद सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical strike) से भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते बिगड़ गए. पाक ने दोनों देशों के बीच चलने वाली थार एक्सप्रेस भी बंद कर दी.इससे भारतीय दूल्हे ससुराल में ही 3-4 माह तक रुके रहे कि हालात सामान्य हो जाए और दुल्हनों को वीजा मिल जाए तो अपने वतन लौट आएं, लेकिन पाक दुल्हनों को भारत से वीजा नहीं मिला. इसके बाद ये दूल्हे बिना दुल्हन के ही अपने वतन लौट आए लेकिन अब दो साल बाद 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पाकिस्तानी दुल्हनें लाहौर से रवाना हो गई हैं और वाघा अटारी बॉर्डर से भारत लौटेंगी.

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थार एक्सप्रेस से गई थी बारात 
जैसलमेर जिले के बइया गांव के नेपाल सिंह (Nepal Singh) का रिश्ता पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हुआ. थार एक्सप्रेस से बारात लेकर पाकिस्तान गए. नेपाल सिंह की शादी 26 जनवरी 2019 को हुई. इसी तरह बाड़मेर जिले के गिराब क्षेत्र के महेन्द्र सिंह अप्रैल 2019 शादी के लिए बारात लेकर पाकिस्तान गए. 16 अप्रैल को उनकी भी शादी हुई. दोनों दूल्हे अपनी दुल्हनों के साथ आना चाहते थे, लेकिन 14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमला हो गया. इसके बाद 26 फरवरी 2019 को भारत ने बदला लेते हुए पाक पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया. इससे दोनों देशों के बीच रिश्ते टूट गए. हवाई, ट्रेन और बस सेवा बंद कर दी. इससे ये दूल्हे हालात सामान्य होने के इंतजार में 3-4 माह तक पाक में रुके, ताकि दुल्हनों के साथ विदा हो, लेकिन वीजा नहीं मिला. आखिरकार दूल्हे बिना दुल्हनों के ही भारत लौटे.

आज महिला दिवस पर दो दुल्हनें पाक से भारत लौटेंगी, एक बेटा और सास भी
आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है, शादी होने के बाद भी दो साल से वीजा के इंतजार में पाकिस्तान में फंसी दुल्हनें अपने ससुराल भारत लौटेंगी. इसमें पाक के सिनोही छोर स्टेशन निवासी छगन बाई पुत्री राणसिंह, बाड़मेर के गिराब निवासी महेंद्रसिंह की पत्नी है. इसी तरह कैलाश बाई पुत्री रणजीतसिंह, जैसलमेर निवासी नेपालसिंह की पत्नी है. इसके अलावा विक्रमसिंह की सास मोर कंवर है. इसके अलावा दो वर्षीय बेटा राजवीर सिंह भी साथ में आ रहा है. इस तरह कुल 4 लोग आज वाघा बॉर्डर से भारत आएंगे.

Reporter- Bhupesh Acharya