बाड़मेर में 25 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा मंदिर, स्थापित होगी भगवान महावीर की पंचधातु 55 फीट ऊंची प्रतिमा

Barmer News: राजस्थान के बाड़मेर के कुशल वाटिका इलाके में भगवान महावीर की 55 फीट ऊंची पंचधातु से निर्मित बैठी हुई प्रतिमा स्थापित की जा रही हैं, जो विश्व की सबसे बड़ी बैठी हुई पंचधातु मूर्ति होगी. 
 

बाड़मेर में 25 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा मंदिर,  स्थापित होगी भगवान महावीर की पंचधातु 55 फीट ऊंची प्रतिमा
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Barmer News: राजस्थान के बाड़मेर के कुशल वाटिका इलाके में जैन धर्म के एक भव्य और आधुनिक तीर्थ के रूप में तेजी से काम हो रहा है. यहां पर भगवान महावीर की 55 फीट ऊंची पंचधातु से निर्मित बैठी हुई प्रतिमा स्थापित की जा रही हैं. ये विश्व की सबसे बड़ी बैठी हुई पंचधातु प्रतिमा होगी. यह प्रतिमा समवसरण के ऊपर स्थापित की जाएगी और पूरे परिसर की कुल ऊंचाई जमीन से करीब 155 फीट तक पहुंचेगी.

25 करोड़ रुपये की लागत
ये प्रोजेक्ट लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है, जिसमें धार्मिक आस्था के साथ-साथ शिक्षा और संस्कृति को भी प्रमुखता दी जा रही है. मंदिर परिसर में जमीन से लगभग 100 फीट ऊंचा तीन मंजिला मंदिर बनाया जा रहा है. ग्राउंड फ्लोर के साथ तीनों मंजिलों को धार्मिक और शैक्षणिक गतिविधियों के अनुरूप विकसित किया जाएगा.

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परंपराओं से जुड़ी जानकारी
वहीं, दूसरी और तीसरी मंजिल पर जैन शास्त्रों पर आधारित संग्रहालय का निर्माण होगा, जहां जैन धर्म के इतिहास, दर्शन, तीर्थ स्थलों और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ी जानकारियां लोगों को मिल सकेगी.

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फेमस आर्किटेक्ट अनिल बी. चौरड़िया
मंदिर परिसर में गोला आकार के तीन गढ़ बनाए गए हैं, जो इसकी संरचना को भव्य और आकर्षक बनाते हैं. पहली मंजिल पर सम्मेद शिखर और गिरनार शिखर की रचनाएं तैयार होंगी. इसके साथ ही जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों और धार्मिक प्रतीकों की कलात्मक आकृतियां भी स्थापित की जाएंगी. इस पूरे प्रोजेक्ट का डिजाइन नासिक के फेमस आर्किटेक्ट अनिल बी. चौरड़िया कर रहे हैं.

विशेष आकर्षण का केंद्र
वहीं, भगवान महावीर की मुर्ति का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. वर्तमान में प्रतिमा का प्रारंभिक ढांचा तैयार हो गया है और बैठने के स्थल का निर्माण काम जारी है. इस काम के पूरे होने के बाद यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी.

नवग्रह और दादा गुरुदेव मंदिर
बता दें कि कुशल वाटिका में पहले से ही नवग्रह मंदिर और दादा गुरुदेव मंदिर है, जो जैन समाज में काफी फेमस हैं. यहां गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के साथ कई प्रदेशों से भक्त साल भर दर्शन करने के लिए आते हैं. नए मंदिर, संग्रहालय, वाचनालय, जिनालय और दादाबाड़ी के बनने के बाद बाड़मेर जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक बन जाएगा.

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Sneha Aggarwal

Sneha Aggarwal

मैं स्नेहा अग्रवाल जी राजस्थान न्यूज में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं और राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हूं. क्राइम और कल्चर की खबरों में दिलचस्पी है. मुझे डिजिटल मीडिया का करीब 4 साल का साल का अनुभव है. इससे पहले मैं ZeeBihar में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं. 4 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, ऑपेरशन सिंदूर समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.
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