बाड़मेर-बालोतरा सीमा बदलाव पर बवाल, हेमाराम चौधरी के आंदोलन को मिला पायलट-डोटासरा और जूली का साथ, विशाल रैली में होंगे शामिल

Barmer-Balotra Boundary Row: बाड़मेर-बालोतरा सीमा बदलाव पर विरोध को और मजबूती देने के लिए 14 जनवरी को धोरीमन्ना में विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन किया जा रहा है. इस रैली में कांग्रेस के बड़े नेता शामिल होंगे. पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट रैली में हिस्सा लेंगे और जनता को न्याय दिलाने का समर्थन करेंगे.

बाड़मेर-बालोतरा सीमा बदलाव पर बवाल, हेमाराम चौधरी के आंदोलन को मिला पायलट-डोटासरा और जूली का साथ, विशाल रैली में होंगे शामिल
Image Credit: Barmer-Balotra Boundary Row:

Barmer Balotra Border Changes: बाड़मेर-बालोतरा जिले की सीमा बदलने के विरोध में आंदोलन तेज हो गया है. राज्य सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना के तहत बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में बड़े बदलाव किए गए, जिसमें धोरीमन्ना और गुड़ामालानी उपखंडों को बाड़मेर से हटाकर बालोतरा जिले में शामिल किया गया, जबकि बायतू उपखंड को बालोतरा से वापस बाड़मेर में जोड़ा गया. इस फैसले को कांग्रेस ने जनविरोधी और राजनीतिक लाभ के लिए लिया गया बताया है, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे स्वागतयोग्य माना.

इस बदलाव से प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय लोगों में भारी असंतोष है, क्योंकि इससे जिला मुख्यालय तक की दूरी बढ़ गई है, जिससे प्रशासनिक सुविधाएं, स्कूल, अस्पताल और अन्य सेवाओं तक पहुंच कठिन हो गई है. पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता हेमाराम चौधरी ने इसे जमीनी हकीकत के खिलाफ करार देते हुए धोरीमन्ना में धरना शुरू किया, जो अब कई दिनों से जारी है. उन्होंने कहा कि यह निर्णय आम जनता की सुविधाओं को नजरअंदाज करता है और क्षेत्रीय विकास को प्रभावित करेगा.

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आंदोलन अब और तेज हो रहा है. 14 जनवरी को धोरीमन्ना में बड़ी जन आक्रोश रैली आयोजित की जा रही है, जिसमें पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट शामिल होंगे. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी रैली में पहुंचेंगे. इसके अलावा, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) चीफ गोविंद सिंह डोटासरा 14 जनवरी सुबह 6 बजे बाड़मेर पहुंचेंगे. वे कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद धोरीमन्ना के लिए रवाना होंगे और दोपहर 12 बजे जन आक्रोश रैली में शामिल होंगे.

यह रैली हेमाराम चौधरी के आंदोलन को मजबूती देगी, क्योंकि इसमें कांग्रेस के दिग्गज नेता एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाएंगे. कांग्रेस का आरोप है कि यह पुनर्सीमांकन 2027 की जनगणना से पहले राजनीतिक समीकरण बदलने की कोशिश है, जो लाखों मतदाताओं को प्रभावित करेगा. स्थानीय निवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता न्याय की मांग कर रहे हैं और कहा जा रहा है कि संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक फैसला वापस नहीं लिया जाता.

बाड़मेर में सियासी हलचल चरम पर है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत अन्य नेताओं ने भी इसे तुगलकी फरमान करार दिया है. यह मुद्दा अब पूरे पश्चिमी राजस्थान में गर्मा गया है, और 14 जनवरी की रैली आंदोलन की दिशा तय कर सकती है.

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Ansh Raj

Ansh Raj

अंश राज, Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत है. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर पैनी नजर रखते हैं. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर की खबरों में खास दिलचस्पी. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनाव और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बयान पर नजर. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करने में मजा आता है. इसके अलावा कंटेंट को पैकेजिंग करके परोसना इनकी खासियत है. डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव. इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है और वर्तमान में मेरठ कॉलेज से LLB की पढ़ाई कर रहे हैं. खबरों की गंध सूंघने और उसे सबसे पहले, सबसे तेज परोसने का जुनून. यही अंश राज हैं
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