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Sonaram Chaudhary passed away: भारतीय राजनीति और सैन्य सेवा में अपने अनुकरणीय योगदान के लिए प्रसिद्ध कर्नल सोनाराम चौधरी का 20 अगस्त की देर रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया. उन्होंने 78 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली.
बताया जा रहा है कि एक मीटिंग के दौरान उन्हें अचानक सीने में दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें नहीं बचा सके. उनकी मृत्यु हो गई. आज 21 अगस्त गुरुवार सुबह 11:30 बजे उनकी पार्थिव देह को उत्तरलाई एयरबेस (बाड़मेर) लाया जाएगा.
अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मोहनगढ़ में किया जाएगा. कर्नल सोनाराम चौधरी के निधन की खबर जैसे ही फैली पश्चिमी राजस्थान में शोक की लहर दौड़ उठी. सोनाराम चौधरी सन 1966 में भारतीय सेना में भर्ती हुए. इंजीनियर्स कोर में कर्नल पद तक पहुंचे. सन1971 की भारत-पाक युद्ध में पूर्वी मोर्चे पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
25 साल की सेवा के बाद 1994 में वे सेवानिवृत्त हुए. वीरता और सेवा के लिए Vishisht Seva Medal (VSM) से सम्मानित भी किए गए थे. 25 सालों तक भारतीय सेवा में सेवाएं देने के बाद उन्होंने 1994 में सेवानिवृत्ति ली और राजनीति के मैदान में उतर गए.
1996, 1998, 1999, 2014 में बाड़मेर-जैसलमेर से लोकसभा सांसद रहे. 2008 से 2013 तक बायतू से कांग्रेस पार्टी से विधायक रहे. इसके बाद साल 2014 में भाजपा में शामिल हुए. 2023 में गुड़ामालानी विधानसभा सीट से चुनाव लड़, लेकिन इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा. राज्य मंत्री केके बिश्नोई ने गुड़ामालानी विधानसभा से जीत हासिल की थी.
कर्नल सोनाराम चौधरी के निधन पर कई बड़े नेताओं और पार्टियों ने शोक व्यक्त किया है. बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, कांग्रेस विधायक हेमाराम चौधरी सहित कई नेता अपोलो अस्पताल पहुंचे और परिवारजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी. उनकी राजनीतिक यात्रा में उन्होंने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों दलों के साथ काम किया और दोनों में सम्मानित भूमिका निभाई.
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