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Barmer News: बाड़मेर के रामसर पंचायत समिति की साधारण बैठक शनिवार को उस वक्त गरमा उठी जब निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और बीडीओ विक्रम जांगिड़ के बीच सफाई व्यवस्था, टेंडरों और भुगतान को लेकर तीखी बहस छिड़ गई. विधायक ने शुरुआत से ही साफ कहा कि "मीटिंग में तैयारी से आया करो" और स्वच्छ भारत मिशन के तहत किए गए टेंडरों, भुगतान और ग्राम पंचायतों की वास्तविक सफाई व्यवस्था का पूरा ब्योरा माँग लिया. जवाब में BDO ने दलील दी कि “इतने सारे डॉक्यूमेंट एक साथ लाना संभव नहीं है, अकाउंटेंट छुट्टी पर है.” इसी बिंदु से माहौल तनावपूर्ण हो गया.
स्वच्छता पर सवालों की बौछार
विधायक भाटी ने पंचायत घर के पीछे की जीओ-टैग्ड तस्वीरें दिखाकर सवाल किया कि अगर भुगतान हो चुका है और सफाई नियमित बताई जा रही है, तो कचरे के ढेर क्यों जमा हैं? BDO ने सफाई देते हुए कहा कि शादी-ब्याह जैसे मौकों पर लोग कचरा सड़क पर फेंक देते हैं, जिससे अस्थायी समस्या होती है, लेकिन सफाई का काम लगातार चलता है. विधायक ने आगे सवाल दागे कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है या नहीं, कितनी गाड़ियां तैनात हैं, कौन मॉनिटरिंग करता है, और किन-किन ग्राम पंचायतों में टेंडर जारी हुए. BDO ने रामसर और गागड़िया में टेंडर व भुगतान होने की पुष्टि की, जबकि बाकी पंचायतों में प्रक्रिया चल रही बताई.
फंड्स पर सीधा हमला: "पैसा कौन खा रहा है?"
बैठक में विधायक ने सरकार द्वारा भेजे गए लाखों रुपये पर सवाल उठाया और कहा कि "जमीन पर सफाई का कोई असर नहीं दिखता, यह पैसा कहां जा रहा है?" BDO ने बचाव में कहा कि भुगतान केवल वास्तविक काम के बाद ही होता है. पंचायत समिति सदस्यों ने बीच में दखल देकर कहा कि बैठक को जनसुनवाई में न बदला जाए, लेकिन MLA भाटी अड़े रहे और बोले, "यह रामसर की जनता का मुद्दा है, इसे स्पष्ट करना जरूरी है." बहस ने स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.