पुलवामा हमले की वजह से टल गई थी शादी, अब 45 दिन बाद पाकिस्तान के लिए निकली बारात

शादी की तारीख को 45 दिन बीत जाने के चलते महेंद्र सिंह के घर में खुशियां का माहौल मायूसी में तब्दील हो गया था. अब फिर से मुहर्त निकला है तो नाते रिश्तेदारों में खुशी का माहौल है.

पुलवामा हमले की वजह से टल गई थी शादी, अब 45 दिन बाद पाकिस्तान के लिए निकली बारात
8 मार्च को पाकिस्तान जानी थी बारात.

बाड़मेर/ भुपेश आचार्य: पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के चलते बीते 45 दिन से अटकी एक बारात शुक्रवार को हिन्द से सिंध के लिए रवाना हुई. पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर की यह बारात थार एक्सप्रेस के जरिए पाकिस्तान पहुंचेगी. पाकिस्तान में एक महीने रहने के बाद बारात दुल्हन के साथ वापस लौटेगी. 45 दिन के बाद बारात की रवानगी पर दूल्हे के चेहरे पर मुस्कान बिखरी नजर आई.

दरअसल, 8 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर से एक बारात पाकिस्तान जाने वाली थी लेकिन पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़े हालातों को देखते हुए यह शादी स्थगित कर दी गई थी. बाड़मेर के गिराब गांव के महेंद्र सिंह ने अपनी शादी के लिए महीनों तक तैयारी की थी. दुल्हन के लिए कपड़े भी खरीद लिए थे लेकिन पुलवामा हमले और फिर एयर स्ट्राइक के बाद के हालातों को देखते हुए बारात पाकिस्तान नहीं जा पाई थी. 

शादी की तारीख को 45 दिन बीत जाने के चलते महेंद्र सिंह के घर में खुशियां का माहौल मायूसी में तब्दील हो गया था. अब फिर से मुहर्त निकला है तो नाते रिश्तेदारों में खुशी का माहौल है.

सरहदी बाड़मेर के गिराब इलाके के महेंद्र सिंह का रिश्ता पाकिस्तान के अमरकोट प्रांत के गांव में तय हुआ था. जहां 8 मार्च को शादी की तारीख तय हुई थी. वह थार एक्सप्रेस से बारात लेकर पाकिस्तान जाने वाला था. दुल्हे महेंद्र सिंह के अनुसार उसने अपनी शादी की पूरी तैयारी कर ली थी. 

महेंद्र ने कहा कि शादी ना हो पाने से उन्हें कहीं ना कहीं दुख तो है ही लेकिन वह चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच शांति का रिश्ता कायम हो और जल्द से जल्द तनाव खत्म हो. 45 दिनों बाद फिर नया मुहर्त निकला है. जिसमे महेंद्र की शादी होगी. वहीं महेंद्र सिंह थार एक्सप्रेस से शुक्रवार को पाकिस्तान के लिए रवाना हुए. महेंद्र की बारात में 15 लोग हैं. जिसमे कुछ औरते भी शामिल हैं. महेंद्र ने कहा, सिंध और हिन्द के बीच बेटी और रोटी का नाता बरकरार रहे लेकिन सबसे पहले अमन बेहद जरूरी है.