पोखरण में गंदगी और चमगादड़ों से भरे कमरे को बना दिया कोरोना मरीजों का आइसोलेशन वार्ड

पीएम मोदी की कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने की कोशिशों को रोकने की कवायद को प्रशासन के अधिकारी पलीता लगाने में लगे हैं. 

पोखरण में गंदगी और चमगादड़ों से भरे कमरे को बना दिया कोरोना मरीजों का आइसोलेशन वार्ड
प्रतीकात्मक तस्वीर.

सीएस दवे, पोखरण: कोरोना वायरस के संक्रमण लेकर केंद्र और राज्य सरकार बहुत ही गंभीर है और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अप्रैल तक लॉकडाउन कर संक्रमण रोकने की भरसक कोशिश कर रहे हैं. 

वहीं, दूसरी तरफ पोखरण के प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी कोरोना को लेकर कितने गंभीर हैं, इसकी एक बानगी पोखरण रामदेवरा सड़क मार्ग पर बनाये गए आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण करने पर ज्ञात हुई.
मीडियाकर्मियों ने जब रामदेवरा सड़क मार्ग पर स्थित आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण करने के दौरान व्यवस्थाओं की पोल खुल गई. ऐसे स्थान पर आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है, जहां पर चमगादड़ ही चमगादड़ हैं. आइसोलेशन वार्ड में इतनी गंदगी फैली हुई है कि इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता.

कहा जा रहा है कि चीन के वुहान शहर से कोरोना वायरस ऐसे चमगादड़, चूहों जैसे पशु-पक्षियों के संक्रमण के कारण फैला है. यह कोरोना वायरस पूरी दुनिया में अपने पांव पसारता जा रहा है. भारत में भी दस्तक हो चुकी है और प्रतिदिन नए मरीज सामने आते जा रहे हैं. ऐसे में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित आला अधिकारियों के साथ हर कोई कोरोना वायरस को लेकर सकते में हैं और हर संभव प्रयास कर लोगों को बचाने की जुगत कर रहे हैं. जबकि दूसरी तरफ इस आईसोलेशन वार्ड की हकीकत के बाद अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां के अधिकारी कितने गंभीर हैं और उन्हें अन्य लोगों के स्वास्थ्य की कितनी फिक्र है?

पीएम मोदी की कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने की कोशिशों को रोकने की कवायद को प्रशासन के अधिकारी पलीता लगाने में लगे हैं. पोखरण रामदेवरा सड़क मार्ग पर गोमट गांव के पास प्रशासन की ओर से कोरोना संदिग्धों को रखने के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है. यह आइसोलेशन वार्ड गंदगी और चमगादड़ों से अटा हुआ है. टॉयलेट में चमगादड़ों ने डेरा डाल रखा है. साथ ही आइसोलेशन वार्ड की छतों और दीवारों पर जीवों ने अपने घोसले बना रखे हैं. चारों तरफ गंदगी ही गंदगी फैली हुई है. वहीं आइसोलेशन वार्ड के पास ही स्थित दूसरे कमरे में दीवारों पर चमगादड़ों से दीवार अटी हुई है. कमरे में बदबू ही बदबू है. प्रशासन ने वार्ड में पलंग और चारपाई भी लगा दी है और गार्ड को भी नियुक्त कर दिया है. साथ ही कार्मिकों की ड्यूटी का भी बंटवारा कर दिया गया है.

जब ज़ी मीडिया की टीम आइसोलेशन वार्ड पहुचीं तो उस समय आइसोलेशन वार्ड प्रभारी पंचायत समिति के कार्मिक रामेश्वर सिंह ने बताया कि यहां पर चमगादड़ों ने डेरा डाल रखा है. साथ ही रामेश्वर सिंह ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में मरीजों को क्या, उनको भी संक्रमण फैलने का खतरा होता महसूस हो रहा है. आइसोलेशन वार्ड में मरीज को रखा जाता है तो वह ठीक होने की बजाय अधिक बीमार हो जाएगा.

साथ ही अभी भी आइसोलेशन वार्ड में चमगादड़ अभी भी मौजूद हैं. इसको लेकर प्रशासन के अधिकारी कतई गंभीर नहीं है. उसने बताया कि इस बाबत उसने विकास अधिकारी और उपखण्ड प्रशासन को बताया पर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है.

ऐसे में इस संकट की घड़ी में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ क्या प्रशासन के आला अधिकारी जिम्मेदारी के प्रति लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे?