राजस्थान: देश में हो रही दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर बीडी कल्ला का बड़ा बयान, कहा...

बीडी कल्ला का कहना था कि सिनेमा में गलत चित्रण भी दुष्कर्म की घटनाओं के लिए जिम्मेदार है. सिनेमा को भी अच्छी तरह सेंसर करने की जरूरत है.

राजस्थान: देश में हो रही दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर बीडी कल्ला का बड़ा बयान, कहा...
बीडी कल्ला ने कहा कि संस्कारों की कमी के कारण दुष्कर्म हो रहे हैं.

जयपुर: देश में आए दिन दुष्कर्म की घटनाओं पर मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि संस्कारों की कमी के कारण दुष्कर्म हो रहे हैं. मोबाइल, इंटरनेट पर गलत सामग्री देख कर बच्चे बिगड़ रहे हैं, बच्चों को मोबाइल से दूर रखें. उन्होंने केंद्र सरकार से इंटरनेट पर गलत सामग्री परोसे जाने पर रोक लगाए जाने की मांग भी उठाई.

हैदराबाद और टोंक में हुई दुष्कर्म की घटनाएं प्रत्येक भारतीय को झंकझोर रही हैं, इसी बीच प्रदेश के बिजली, पेयजल, कला और संस्कृति मंत्री डॉ बीडी कल्ला ने बड़ा बयान दिया है. दुष्कर्म की घटनाओं पर मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि संस्कारों की कमी के कारण दुष्कर्म हो रहे हैं. मोबाइल, इंटरनेट पर गलत सामग्री देख कर बच्चे बिगड़ रहे हैं, बच्चों को मोबाइल से दूर रखें. 

साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से इंटरनेट पर गलत सामग्री परोसे जाने पर रोक लगाए जाने की मांग भी उठाई. बीडी कल्ला का कहना था कि सिनेमा में गलत चित्रण भी दुष्कर्म की घटनाओं के लिए जिम्मेदार है. सिनेमा को भी अच्छी तरह सेंसर करने की जरूरत है. बच्चों को ऐसे संस्कार दिए जाएं कि पराई स्त्री को मां और बहन समझें, हमें बचपन में ऐसे ही संस्कार दिए गए थे.

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जनसुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री डॉ बीडी कल्ला ने कहा कि दुष्कर्म की घटनाएं झंकझोर रही हैं. इस दौर में संस्कारों की कमी के चलते ऐसी घटनाएं बढ़ी है. मोबाइल, इंटरनेट पर गलत सामग्री देख कर बच्चे बिगड़ रहे हैं. इंटरनेट के दुरुपयोग से बढ़ रही ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने की जरुरत है. इंटरनेट पर उपलब्ध गलत सामग्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग केंद्र सरकार से उठाई. मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि सिनेमा के सेंसरशिप नियम बच्चों और युवाओं के लिए कठोर किए जाए, साथ ही बच्चों को ऐसे संस्कार दिए जाएं कि पराई स्त्री को मां और बहन समझें.

संस्कारी परवरिश, इंटरनेट और सिनेमा पर सेंसरशिप से दुष्कर्म की घटनाओं को काबू करने का मंत्री डॉ बीडी कल्ला का फार्मुला एक हद तक तो ऐसी वारदातों को रोकने के लिए सही ठहराया जा सकता है. लेकिन दुष्कर्मियों को सजा देने के लचीले कानूनी प्रावधान और पुलिस की निष्क्रियता का जवाब इनके पास भी नहीं था. कला और संस्कृति मंत्री का भी प्रभार देख रहे डॉ बीडी कल्ला ने स्पष्ट तौर पर कहा की ऐसे अपराध रोकने की शुरूआत घर से ही होनी चाहिए. बच्चों को संस्कारी बनाना चाहिए.