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विधानसभा सत्र से पहले सीपी जोशी ने बुलाई विशेष बैठक, सत्र का समय बचाने के लिए दिए ये निर्देश

बैठक में सत्र के दौरान कम से कम विजिटर पास बनवाने का मुद्दा भी आया. स्पीकर ने कहा कि इससे सभी सदस्य सदन को अपना समय दे सकेंगे. 

विधानसभा सत्र से पहले सीपी जोशी ने बुलाई विशेष बैठक, सत्र का समय बचाने के लिए दिए ये निर्देश
फाइल फोटो

जयपुर: विधानसभा का बजट सत्र 27 जून से शुरू होने वाला है. इस बार सुचारू रूप से चलाने की कवायद हो रही है. स्पीकर सीपी जोशी ने अपने चैम्बर में बुधवार को बुलाई सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि नियमों के तहत चर्चा हो तो ज्यादा बेहतर रहेगा. इस बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी से बैठक की अहमियत और गम्भीरता का अन्दाज़ा लगाया जा सकता है. सरकार की भी यही मैसेज देने की कोशिश है कि सत्ता पक्ष सदन चलाने के लिए पूरी तरह तैयार है लेकिन दायरों का भी ध्यान रखा जाएगाय 

स्पीकर ने मंत्रियों को भी 2 बजे तक सदन में रहने की जरूरत पर फोकस किया. स्पीकर ने नियम 37-(2) का हवाला देते हुए कहा कि एक ही सवाल में कई विभागों के मुद्दों को शामिल नहीं करें. उन्होंने साफ कहा कि अगर नियमों से परे जाकर सवाल किए तो वे इसे शामिल नहीं करेंगे. संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि इस बार बजट के बाद विभागों के कट-मोशन में भी मंत्री का जवाब छह बजे दिलाने की कोशिश की जाएगी. जिससे समय से पूरा काम सम्पन्न हो जाए.

बैठक में सत्र के दौरान कम से कम विजिटर पास बनवाने का मुद्दा भी आया. स्पीकर ने कहा कि इससे सभी सदस्य सदन को अपना समय दे सकेंगे. सचेतक महेश जोशी ने बताया कि स्पीकर की व्यवस्थाएं सिर्फ कामकाज को व्यवस्थित रखने के लिए हैं. वहीं उपमुख्य सचेतक ने बताया कि इस बार आगन्तुकों में विधायकों के लिए पहले दो पास और फिर पांच पास की सीमा तय की गई है. स्पीकर ने गैरज़रूरी लोगों के कॉरिडोर में घूमने पर भी पाबन्दी लगाने की मंशा जताते हुए कहा कि कई बार हां-पक्ष या ना-पक्ष लॉबी में विधायकों के लिए ही जगह नहीं होती है.

उधर विपक्ष भी इन व्यवस्थाओं से सहमत दिखा. प्रतिपक्ष के उप-नेता राजेन्द्र राठौड़ ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि अगर ऐसी व्यवस्थाएं सदन को सुचारू चलाने के लिए हैं तो विपक्ष भी उसका स्वागत करेगा. अलबत्ता माकपा के बलवान पूनिया ने ज़रूर कुछ मुद्दों को गैर-ज़रूरी पाबन्दी की संखा दी. उन्होंने कहा कि सदन में किसानों, बेरोजगारों और दूसरे तबकों के मुद्दे उठाना विधायक का अधिकार है और उन्हें इस हक से वंचित नहीं किया जा सकता. 

स्पीकर ने विधानसभा सत्र से पहले ही सभी दलों को बुलाकर अपनी मंशा से अवगत करा दिया है. इस बैठक में ऐसा भी दिखा कि पूर्व केन्द्रीय मन्त्री और अब स्पीकर की भूमिका में आए डॉक्टर सीपी जोशी लोकसभा की तर्ज पर विधानसभा चलाना चाहते हैं लेकिन क्या स्पीकर अब लोकसभा की तरह ही विधानसभा की कार्यवाही के भी सीधे प्रसारण को लेकर पहल करेंगे?