टाइपिंग एरर ने कराई गलती, भरतपुर के कोरोना पॉजिटिव को बताया भीलवाड़ा का मरीज

जिस भीलवाड़ा के व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव बताया जा रहा था, असल में वह भरतपुर का है. बताया जा रहा है कि, यहां पर एक टाइपिंग एरर की वजह से यह गलती हो गई है.

टाइपिंग एरर ने कराई गलती, भरतपुर के कोरोना पॉजिटिव को बताया भीलवाड़ा का मरीज
भीलवाड़ा के मरीज की अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है.

भरतपुर: पूरा देश इस समय कोरोना वायरस से बुरी तरह ग्रसित है. इस बीमारी का संक्रमण भारत में भी तेजी से फैल रहा है और लगातार मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. वहीं, राजस्थान का भीलवाड़ा शहर कोरोना से जंग में पहले चरण की जीत हासिल कर, देशभर में मॉडल बन चुका है. लेकिन रविवार को आई एक खबर ने यहां पर, 10 दिन बाद एक व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव होने की बात कही थी.

जानकारी के अनुसार, जिस भीलवाड़ा के व्यक्ति को  कोरोना पॉजिटिव बताया जा रहा था, असल में वह भरतपुर का है. बताया जा रहा है कि, यहां पर एक टाइपिंग एरर की वजह से यह गलती हो गई है. इधर, भीलवाड़ा के मरीज की अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है. जबकि भरतपुर के मरीज को भीलवाड़ा के होने की जानकारी एसीएस मेडिकल के चिकित्सक रोहित कुमार सिंह की तरफ से दी गई थी. हालांकि, रविवार देर तक पूरे मामले को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही.

दरअसल, भीलवाड़ा में 10 दिन बाद रविवार को जोधपुर से लौटे एक युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से, प्रशासन की सांसे फूल गई. बता दे कि बीते 20 मार्च को बृजेश बांगड़ मेमोरियल हॉस्पिटल के एक चिकित्सक और उसके बाद लगातार इसी हॉस्पिटल से जुड़े 28 लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. इसके बाद, प्रशासन और चिकित्सा टीमों ने दिन-रात एक कर कोरोना से पहले चरण की जंग को जीत लिया था.

CM ने घोषित किया था कोरोना मुक्त जिला
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने भी बीते दिनों भीलवाड़ा को,  कोरोना मुक्त जिला घोषित कर दिया था. लेकिन 10 दिन बाद जोधपुर से भीलवाडा के विजयसिंह पथिक अपने माता-पिता से मिलकर लौटे तो, एक युवक की सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई.

1 हजार से ज्यादा सैंपल पेंडिंग
इसके बाद चिकित्सा महकमा सकते में आ गया. वहीं, पिछले 6 से 7 दिनों में भेजे गए करीब एक हजार से ज्यादा सैंपल पेंडिंग हैं. इनमें भी अधिकांश सैंपल कोरोना हॉस्पॉट (Hotspot) इलाकों से लौटे लोगों के बताए जा रहे हैं.

सीमाएं की गई सील
इधर, अन्य जिलों व प्रदेशों से लोग शहर में प्रवेश नहीं कर सके, इसके लिए जिले की सीमाएं भी सील की गई है. इसके बावजूद कोरोना हॉटस्पॉट सेंटर्स कर्नाटक, गुजरात, इंदौर, जौधपुर, जयपुर सहित अन्य जिलों से बड़ी संख्या में लोग हर दिन भीलवाड़ा पहुंच रहे हैं. इनमें भी जो लोग चेकपोस्ट तक आ गए हैं, उनके चिकित्सा विभाग सैंपल ले रहा है. साथ ही, ऐसे लोगों को क्वारेटाइन सेंटर या होम आइसोलेशन में कर रहा है.