बिना पॉलिटेक्निक और ITI पढ़े भी अब 12वीं पास स्टूडेंट्स पा सकेंगे नौकरी, जानिए कैसे?

नेशनल स्कूल स्किल्स डेवलपमेंट की ओर से बच्चों में स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 'स्किल्स ऑन व्हील्स' नाम की बस चलाई जा रही है, जिसके जरिए व्यावसायिक शिक्षा की जानकारी दी जा रही है.

बिना पॉलिटेक्निक और ITI पढ़े भी अब 12वीं पास स्टूडेंट्स पा सकेंगे नौकरी, जानिए कैसे?
स्टूडेंट्स को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा.

देवेंद्र सिंह, भरतपुर: अब स्टूडेंट्स को 12वीं पास करने के बाद तकनीकी नॉलेज और रोजगार के लिए पॉलिटेक्निक (Polytechnic) और ITI की पढ़ाई करने की जरूरत नहीं है. राज्य सरकार (State Government) अब 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्टूडेंट्स को स्कूली शिक्षा के दौरान ही व्यावसायिक शिक्षा भी दे रही है.

नेशनल स्कूल स्किल्स डेवलपमेंट (National School Skills Development) की राज्य सलाहकार श्रद्धा पांडे ने बताया है कि प्रदेश के 33 जिलों के 905 स्कूलों के स्टूडेंट्स को 'स्किल्स ऑन व्हील्स' (Skills on Wheels) के जरिए व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसी कड़ी में भरतपुर के मास्टर आदित्येंद्र सीनियर सेकंडरी विद्यालय में रोजगार मेला आयोजित किया गया, जिसमें भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाईमाधोपुर जिले के स्टूडेंट्स को प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया गया. 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्टूडेंट्स को कृषि, आईटी, हेल्थ केयर, ब्यूटी, ट्रैवल, टूरिज्म, इलेक्ट्रॉनिक, हार्डवेयर, रिटेल समेत 12 ट्रेड में प्रशिक्षण दिया गया. स्टूडेंट्स को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा.

समग्र शिक्षा की राज्य सलाहकार श्रद्धा पांडे ने बताया है कि 12वीं कक्षा पास कर चुके स्टूडेंट्स का रोजगार कार्यालय के जरिए रजिस्ट्रेशन भी किया जा रहा है. नेशनल स्कूल स्किल्स डेवलपमेंट की ओर से बच्चों में स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 'स्किल्स ऑन व्हील्स' नाम की बस चलाई जा रही है, जिसके जरिए व्यावसायिक शिक्षा की जानकारी दी जा रही है. ये बस पुणे से लद्दाख तक जाएगी. राजस्थान में जयपुर, कोटा के बाद ये बस भरतपुर पहुंची. 12वीं कक्षा पास करने के बाद प्रशिक्षित विद्यार्थियों को रोजगार मेला के जरिए नजदीकी इंडस्ट्रीज एरिया में रोजगार उपलब्ध कराया जाता है. 

प्रदेश के स्कूलों में करीब 1 लाख 23 हजार बच्चे रोजगार परक शिक्षा ले रहे हैं. कंपनी के साथ सरकार का एमओयू है. रोजगार मेलों के जरिए प्रशिक्षित विद्यार्थियों में से करीब 70 प्रतिशत विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है.