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राजस्थान में खसरा-रूबेला उन्मूलन के लिए 2 करोड़ बच्चों को लगाया जाएगा टीका

देश में 5 से 6 सप्ताह में 100 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण किया जाना है. सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों पर 9 महीने से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा.

राजस्थान में खसरा-रूबेला उन्मूलन के लिए 2 करोड़ बच्चों को लगाया जाएगा टीका
देश भर में अब तक 30 करोड़ से ज्यादा बच्चों को मीजल्स-रूबेला का टीका दिया जा चुका है

भरतराज/जयपुर: प्रदेश में 22 जुलाई से मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान की शुरूआत होगी. टीकाकरण अभियान का प्रदेश में सफल बनाने के लिए यूनिसेफ और एनएचएम की ओर से मीडिया आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे स्वास्थय राज्य मंत्री सुभाष गर्ग ने अधिकारियों को भी मीडिया फ्रेंडली बनने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में 9 महीने से 15 वर्ष के सभी बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाया जाए ताकि खसरा-रूबेला जैसी बीमारी का उन्मूलन हो और स्वस्थ राजस्थान का निर्माण किया जा सके.

अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए मीडिया से अपील
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय उपायुक्त डॉ. प्रदीप हलदर ने बताया कि  2017 से मिजल्स-रूबेला टीकाकरण को बतौर अभियान बनाकर शुरुआत की गई. प्रदेश में 5 से 6 सप्ताह में 100 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण किया जाना है. सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों पर 9 महीने से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा. इसके लिए उन्होंने मीडियाकर्मियों से अपील की कि वे इस अभियान के अधिकाधिक प्रचार में मदद करें ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित ना रह सके. उन्होंने कहा कि देश भर में अब तक 30 करोड़ से ज्यादा बच्चों को मीजल्स-रूबेला का टीका दिया जा चुका है और राज्य में 2 करोड से ज्यादा बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने इस अभियान के अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने और जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया.

आंगनबाड़ी सहायका का लिया जाए सहयोग
इस दौरान एक सैशन मीडियाकर्मियों के साथ रखा गया. जिसमें अभियान को सफल बनाने को लेकर उनसे चर्चा की गई. मीडियाकर्मियों ने सुझाव दिया कि अभियान में स्कूल प्रिंसिपल को शामिल किया जाए. जिस पर उन्होंने सहमति जताई. वहीं गलत न्यूज पब्लिश होने के सवाल पर कहा कि कई बार अधिकारी रात तक किसी खबर को लेकर जानकारी नहीं देते, जिसके चक्कर में जो सूचनाएं मिलती है उसी आधार पर खबर छापी जाती है. इस पर अधिकारियों ने तत्काल सभी जिलों में अभियान का पीआरओ बनाने की बात कही, जो हमेशा मीडिया ही नहीं सभी के फोन अटेण्ड करेगा. इसके साथ ही अन्य सुझावों पर भी अमल की बात कही. 

2020 तक पूरे प्रदेश को मीजल्स जैसी बीमारी से मुक्त करना  
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त निदेशक शंकर लाल कुमावत ने कहा कि प्रदेशभर में चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य मीजल्स-रूबेला जैसी संक्रामक बीमारी से नौनिहालों को मुक्त रखना है. उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में व्यापक तौर पर अभियान चलाकर सवा दो लाख से ज्यादा बच्चों के टीकाकरण का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए स्कूली शिक्षा, महिला बाल विकास सहित अन्य विभागों की मदद भी ली जा रही है. उन्होंने मीडिया से इस अभियान के भरपूर प्रचार-प्रसार का भी आग्रह किया. कार्यशाला में यूनिसेफ की सीएफओ इसाबेल बारडेम ने कहा कि यह एक ग्लोबल शुरुआत है. उन्होंने कहा कि 2020 तक पूरे प्रदेश को मीजल्स जैसी बीमारी से मुक्त करना यूनिसेफ और राज्य सरकार की प्राथमिकता है.