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गुरुनानक के प्रकाश पर्व पर पाक जाएगा श्रद्धालुओं का जत्था, राजस्थान सरकार से मांगे गए नाम

गुरुनानक को किसी पंथ और धर्म में कैद नहीं किया जा सकता. पाकिस्तान में सिखों के अलावा उनको मानने वाले बहुत हैं. पाक अवाम को गुरुनानक के 550वें प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं देते हैं. 

गुरुनानक के प्रकाश पर्व पर पाक जाएगा श्रद्धालुओं का जत्था, राजस्थान सरकार से मांगे गए नाम
पाकिस्तान में सिखों के अलावा उनको मानने वाले बहुत हैं.

विष्णु शर्माजयपुर: सिखों के प्रथम गुरु श्रीगुरूनानक देव का जन्म पाकिस्तान के ननकाना साहिब में कार्तिक पूर्णिमा को हुआ था. ऐसे में कार्तिक पूर्णिमा पर भारत ही नहीं विश्व के अनेक देशों से सिख श्रद्धालु ननकाना साहिब पहुंचते हैं. इस बार देशभर से 3 हजार श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान जाएगा. 

आने वाली कार्तिक पूर्णिमा को श्री गुरुनानक देवजी का 550वां प्रकाश पर्व है, इसलिए भी सिखों के लिए इसका विशेष महत्व है. इधर गृहमंत्रालय ने राज्य सरकारों को पत्र लिखकर इस जत्थे में पाक जाने वाले श्रद्धालुओं के नाम मांगे हैं. इसके बाद राज्य के गृह विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर ऐसे श्रद्धालुओं के नाम मांगे हैं. राजस्थान से पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं का कोटा करीब 50 तय किया गया है, लेकिन इससे ज्यादा भी जा सकते हैं.   

ननकाना साहिब में देशभर से जत्था जाता है और राजस्थान से भी एक जत्था जाएगा. जिसके चलते पाकिस्तान सरकार से उम्मीद है कि जत्थे की आवभगत करेंगे. जत्थे के साथ पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं के नाम राज्य पुलिस, इंटेलीजेंस वेरीफाई कर जिला कलेक्टरों को रिपोर्ट सौंपेगी. 

पुलिस क्लीयरेंस के बाद जिला कलेक्टर नाम गृह विभाग को और फिर वहां से गृहमंत्रालय को भेजे जाएंगे. इसके बाद पाकिस्तान से उनका वीजा मंगवाया जाएगा. सिख श्रद्धालुओं का जत्था 10 नवम्बर से 19 नवम्बर तक पाकिस्तान में श्री गुरुनानक देवजी के जन्म स्थान ननकाना साहिब, समाधि स्मारक करतारपुर गुरुद्वारा साहिब सहित अन्य गुरुद्वारों का भ्रमण करेंगे. 

गुरुनानक को किसी पंथ और धर्म में कैद नहीं किया जा सकता. पाकिस्तान में सिखों के अलावा उनको मानने वाले बहुत हैं. पाक अवाम को गुरुनानक के 550वें प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं देते हैं. पाकिस्तान जाने वाले सिख जत्थे में हर उम्र के श्रद्धालु  शामिल होते हैं. पाकिस्तान पहुंचकर ये श्रद्धालु शबद कीर्तन के जरिए गुरू महिमा का गुणगान करते हैं. श्रद्धालुओं की मांग रहती कि पाकिस्तानी सरकार उनकी आवभगत के तमाम इंतजाम जुटाएं. राजस्थान से हर साल अलग-अलग जिलों से श्रद्धालु इस जत्थे में शामिल होते हैं.