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भरतपुर: रणथंभौर नेशनल पार्क के बाघ ने 24 घंटे में किया दूसरा हमला, मौत

घटना के वक्त आसपास में मौजूद अन्य चरवाहों में शोर शराबा कर पिंटू को बाघ के चंगुल से छुड़ाया और बहरावण्डा अस्पताल पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया.

भरतपुर: रणथंभौर नेशनल पार्क के बाघ ने 24 घंटे में किया दूसरा हमला, मौत
माना जा रहा है कि चरवाहे पर हमला करने वाला बाघ संभवतया टी 96 ही है.

सवाई माधोपुर: रणथंभौर नेशनल पार्क के बाघ ने ग्रामीण पर 24 घंटे में दूसरा हमला मामला कर दिया है. बता दें कि सवाई माधोपुर के रणथंभौर में बाघों का इंसानों पर हमला करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. रणथंभोर की खंडार रेंज के फरिया गांव के नजदीक बाघ द्वारा चरवाहे पर हमला कर उसे मौत के घाट उतारने के मामले को अभी 24 घण्टे भी नहीं हुए की उसी जगह के आस पास एक बार फिर बाघ में एक और चरवाहे पर हमला कर दिया.

मिली जानकारी के मुताबिक बाघ के हमले में पिंटू गुर्जर नामक चरवाहा गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के वक्त आसपास में मौजूद अन्य चरवाहों में शोर-शराबा कर पिंटू को बाघ के चंगुल से छुड़ाया और बहरावण्डा अस्पताल पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. वहीं, घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है.

गौरतलब है कि, रविवार को ही बाघ के हमले में चरवाहे चिरंजी गुर्जर की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद भी वन विभाग का कोई भी अधिकारी कर्मचारी अभी तक मौके पर नहीं पहुंचा जिसके लेकर भी लोगों में गुस्सा था. वहीं, जब एक बार फिर बाघ ने पिंटू गुर्जर नामक चरवाहे पर हमला कर उसे गम्भीर घायल कर दिया तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने एक बार फिर सड़कों को जाम कर दिया. 

माना जा रहा है कि चरवाहे पर हमला करने वाला बाघ संभवतया टी 96 ही है. जिसने रविवार को भी एक चरवाहे को मौत के घाट उतार दिया था. रणथंभोर में लगातार इंसानों और बाघों के बीच संघर्ष चिंता की बात है. ऐसे में वन विभाग को कोई ठोस निर्णय व ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है. वहीं, गुस्साए ग्रामीणों ने किया सवाई माधोपुर खंडार रोड को पूरी तरह से जाम कर दिया. 

हालांकि, मामले के लेकर इलाके के तहसीलदार और थानाधिकारी ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन लोगों पर इसका भी कोई असर नहीं हुआ. लोगों की माग है कि जब तक वन विभाग के अधिकारी आकर ग्रमीणों से नहीं मिलेंगे वह सड़क से नहीं उठेंगे. वहीं, तहसीलदार ने जिला कलेक्टर डॉ एस पी सिंह को मोबाइल पर दी. जिसके बाद जिला कलेक्टर के आदेश पर सीसी अपने टाइगर को ट्रेंकुलाइज करने के लिए टीम को रवाना कर दिया है.