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भरतपुर: किसानों की खराब फसल पर केंद्रीय मंत्री का बयान, कर्जमाफी नहीं समस्या का हल

राज्यमंत्री चौधरी ने कहा कि कर्जमाफी से किसानों की समस्याओं का हल नहीं होने वाला है बल्कि उन्हें लागत घटाकर उत्पादन बढ़ाना होगा.

भरतपुर: किसानों की खराब फसल पर केंद्रीय मंत्री का बयान, कर्जमाफी नहीं समस्या का हल
मंत्री जी के मुताबिक प्राकृतिक खेती ही एकमात्र विधि है जो किसानों के लिए लाभकारी है.

देवेन्द्र सिंह/भरतपुर: लुपिन फाउण्डेशन द्वारा आयोजित किए जा रहे 6 दिवसीय प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण शिविर में पद्मश्री अवार्ड प्राप्त एवं कृषि विशेषज्ञ डॉ सुभाष पालेकर ने फसल सुरक्षा के लिए विभिन्न उपायों की जानकारी दी. इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे. इस मौके पर मंत्री कैलाश चौधरी ने गौवंश को आवारा बताए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि गौवंश को आवारा बताने वाले अपनी मां को ही आवारा बता रहे है. गाय पूरे परिवार को पालती है ऐसे में गाय आवारा कहना कहीं से भी उचित नहीं है.

केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों की आय दुगुनी करने के लिए सभी प्रयास कर रही है. उम्मीद है कि वर्ष 2022 तक इस लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने बजट में कृषि के लिए पहलीबार 1 लाख 31 हजार करोड़ रूपए के बजट का प्रावधान किया है. किसानों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनायें भी शामिल की हैं. जिसमें किसान पेंशन एवं किसान सम्मान योजना शामिल हैं. उन्होंने बताया कि किसान अपने उत्पादों के विक्रय के लिए फार्मर प्रोड्यूशर ऑरगेनाईजेशन (एफपीओ) गठित करें जिसके माध्यम से वह अपने उत्पादों को खुले बाजार में बेच सकते हैं. जिसके लिए केन्द्र सरकार सहायता राशि भी उपलब्ध कराती है. 

राज्यमंत्री चौधरी ने कहा कि कर्जमाफी से किसानों की समस्याओं का हल नहीं होने वाला है बल्कि उन्हें लागत घटाकर उत्पादन बढ़ाना होगा. जिसके लिए प्राकृतिक खेती ही एकमात्र ऐसी विधि है जो किसानों के लिए लाभकारी बन सकती है. उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे खेती के साथ-साथ गौपालन भी करें जिससे तैयार किया गया जीवामृत फसलों का तीन गुना उत्पादन बढ़ाने में सहायक माना गया है. 

साथ ही, उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे किसानों से आग्रह किया कि प्रशिक्षण में दी गई जानकारी का उपयोग कर प्राकृतिक तरीके से खेती करें. इसकी जानकारी अपने गांव व आसपास के किसानों को भी दें. उन्होंने लुपिन फाउण्डेशन द्वारा प्राकृतिक खेती पर आयोजित किए गए प्रशिक्षण शिविर की प्रशन्सा करते हुए सुझाव दिया कि इस तरह के शिविर देश के अन्य भागों में भी आयोजित किए जाने चाहिए. 

प्रशिक्षण शिविर में डॉ सुभाष पालेकर सांसद रंजीता कोली ने डॉ जीतेन्द्र सिंह फौजदार संस्था के अधिशाषी निदेशक सीताराम गुप्ता ने कहा कि मेवात विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष जवाहर सिंह बेढम, डॉ शैलेष सिंह आदि उपस्थित थे. इसके बाद कृषि राज्यमंत्री कैलाश चैधरी ने लुपिन फाउण्डेशन के स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गये उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया.