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धौलपुर: कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की तलाश में डकैतों से हुई पुलिस की मुठभेड़

मंगलपुरा गांव के बीहड़ में करीब 4 घंटे तक चली आमने-सामने की फायरिंग में सौ से अधिक फायर किए गए. साथ ही डकैतों और पुलिस की ओर से हैंड ग्रेनेड भी फेंके गए.

धौलपुर: कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की तलाश में डकैतों से हुई पुलिस की मुठभेड़
दस्यु जगन गुर्जर 16 मार्च 2017 को जेल से छूट गया था.

धौलपुर: प्रदेश के धौलपुर जिले के चम्बल के बीहड़ों में छिपे कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की तलाश कर रही पुलिस देर रात दस्यु रामविलास और भारत गुर्जर गैंग से आमना सामना हो गया. मंगलपुरा गांव के बीहड़ में करीब 4 घंटे तक चली आमने-सामने की फायरिंग में सौ से अधिक फायर किए गए. जिनके साथ ही डकैतों और पुलिस की ओर से हैंड ग्रेनेड फेंके गए. देर रात खत्म हुई मुठभेड़ के बाद एसपी अजय सिंह ने बताया कि दस्यु जगन की तलाश में पुलिस की बीहड़ों में दबिश लगातार जारी है. 

पुलिस के मुताबिक देर रात को जगन की तलाश में बीहड़ों में दबिश दे रही पुलिस को दो लोगों के साथ दस्यु रामविलास और भरत मिल गए. जहां रामविलास और भरत में दोनों लोगों को बंधक बनाते हुए पुलिस पर फायरिंग कर दी. फायरिंग के दौरान पुलिस ने बंधक बने दोनों लोगों को छुड़ाते हुए डकैतों पर फायरिंग करना शुरू कर दिया. इसी बीच डकैत बंधक बने दोनों लोगों का फायदा उठाते हुए चचोखर की घाटी में कूद गए. जहां से दोनों डकैत अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गए. 

पुलिस द्वारा बंधक बनाए गए दोनों लोगों ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व करौली जिले से एक ट्रेक्टर लूटा गया था. जिसकी फिरौती रामविलास और भरत को देने के लिए दोनों लोग करौली से धौलपुर आए थे. जहां पुलिस का दोनों डकैतों से आमना सामना हो गया. ट्रैक्टर की 30 हजार रुपये की फिरौती देने धौलपुर पहुंचे लोगों को डकैतों के कब्जे से मुक्त कराने के बाद पुलिस ने छोड़ दिया है.

चंबल घाटी में आतंक का पर्याय रहे 11 लाख रूपये का ईनामी दस्यु जगन गुर्जर 16 मार्च 2017 को जेल से छूट गया था. उसके बाद दस्यु जगन ने तीसरी वार हथियार उठा कर चम्बल के बीहड़ का रुख कर लिया था और दस्यु जगन के खिलाफ जिले के बसईडांग, करौली के मासलपुर और बासौदा में जब पांच मामले दर्ज हुए.लगातार दस्यु द्वारा अपराध किये जाने पर धौलपुर पुलिस दस्यु जगन पर लगातार दबिश दे रही थी. 

बता दें कि डकैती की दुनिया में 15 साल तक आतंक का पर्याय रहे जगन गुर्जर ने वर्ष 1994 में कदम रखा था. चंबल की बीहड़ों में जगन ने खुद की गैंग बनाई जिसमें उसकी पत्नी ममता गुर्जर और उसके 4 भाई भी शामिल हुए. एक वक्त ऐसा भी था जब जगन गुर्जर के नाम की तूती बोलती थी और डर के मारे वहां के लोग शादियां नहीं करते थे. जगन गुर्जर ने वर्ष 2009 में कांग्रेस नेता सचिन पायलट की मौजूदगी में करौली पुलिस के समक्ष अपनी गैंग के 25 सदस्यों के साथ आत्म समर्पण किया था. जगन ने अपने भाई की बेटी को गोद ले रखा था और वर्ष 2010 में बेटी के हाथ पीले करने के बाद अपराध की दुनिया से तौबा कर ली थी.

चंबल के डांग इलाके में आंतक मचाने वाले डकैत जगन गुर्जर ने वर्ष 2018 में हथियार के साथ आत्मसमर्पण कर दिया था. धौलपुर व करौली पुलिस द्वारा लगातार दबिश देने के बाद दस्यु जगन गुर्जर भयभीत हो गया था लिहाजा संभाग मुख्यालय स्थित आईजी मालिनी अग्रवाल के सामने अवैध हथियार के साथ आत्मसमर्पण कर दिया. 
वहीं वर्ष 2018 में धौलपुर में हुए उपचुनाव एक बार फिर जगन सुर्खियों में आ गया था. बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशी के नामांकन भरने के बाद पूर्व डकैत जगन गुर्जर भी उपचुनाव में कूद पड़े है. डकैत जगन ने अपनी पत्नी ममता का नामांकन भरवाया. यह हॉट सीट मीडिया में चर्चा का विषय बन गई थी.

ऐसा माना जाता है कि जगन गुर्जर के जीजाजी की हत्या कर दी गई थी, जिसका बदला लेने के लिए उसने 1994 में बंदूक उठाई थी, उसके बाद समर्पण के बाद जेल गया, जमानत पर बाहर आने के बाद समाज की मुख्यधारा में जुड़ना चाहता था, खान में मजदूर लगाने का ठेका ले लिया था रोजी रोटी कमाने में लग गया था, जिसके लिए लेकर नया ट्रैक्टर भी खरीद कर लाया था, जो एक दो माह ही चला पाया था, जिसे धौलपुर जिले के बाड़ी की कोतवाली पुलिस घर से उठा लाई बंद कर दिया, जो आज भी थाने में ही सड़ रहा है. लेकिन जब पुलिस ने झूठे केस लगा कर इनाम घोषित करना शुरू कर दिया इसीलिए दूबारा डकैत बन गया. जगन गुर्जर ने बताया कि हत्या के इतने केस झूठे लगाए हैं. केवल एक ह्त्या सही है, जिसमें जीजा का बदला लेने के लिए हत्या की थी.
 
डकैत पर कुल 87 मामलें दर्ज थे. जिनमें हत्या, चौथ बसूली, पुलिस पर फायरिंग सहित कई प्रकार के संगीन अपराध हैं. 87 मामलों में से करीब 70 मामलों में कोर्ट से दस्यु जगन बरी हो चुका है और शेष मामले पूर्व के विचाराधीन हैं और 5 मामले नए दर्ज हैं. इसके अलावा करौली पुलिस की और दस्यु जगन पर पांच हजार रूपये का इनाम घोषित हुआ था.

जगन अपने पिता शिवचरन का सबसे बड़ा बेटा है. जगन मूलरूप से बसई डांग के भवूतीपुरा का निवासी है. दुश्मनी की वजह से 2010 में परिवार गांव छोड़कर कंचनपुर थाना इलाके के धोंसपुर गांव में रहने लगा. गुर्जर आंदोलन के दौरान सीएम वसुंधरा राजे के धौलपुर महल को उड़ाने की धमकी देने के बाद ये प्रकाश में ज्यादा आया. जगन के खिलाफ दो दर्जन हत्या, लूट, डकैती, हत्या का प्रयास, चौथ वसूली आदि के करीब 70 मुकदमे दर्ज थे. जिनमें से 69 में कोर्ट ने बरी कर दिया है.