Dholpur: शिक्षक राहुल शर्मा ने बदली स्कूल की तस्वीर, शिक्षा के लिए बच्ची को लिया गोद

राहुल शर्मा ने अपनी नियुक्ति से लेकर आज तक इस विद्यालय को अपने घर की तरह से संभालते हुए दिन प्रतिदिन इसका रूप बदलने का निरंतर प्रयास किया. 

Dholpur: शिक्षक राहुल शर्मा ने बदली स्कूल की तस्वीर, शिक्षा के लिए बच्ची को लिया गोद
प्रतीकात्मक तस्वीर

Dholpur: राजकीय प्राथमिक विद्यालय नारायनपुरा धौलपुर (Dholpur News) मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर डौमई ग्राम पंचायत में स्थित एक ऐसा विद्यालय है, जिसकी सूरत आज से पहले कुछ और थी. विद्यालय का जर्जर भवन, जिस पर 10 सालों से कोई कलर नहीं. खेल मैदान में पत्थर की खदाने, जिसमें कांटेदार बबूल पत्थर को ग्रामीण निकालकर ले गए. 27 मार्च 2015 को तृतीय श्रेणी अध्यापक के रूप में राहुल शर्मा की नियुक्ति हुई.

राहुल शर्मा (Rahul Sharma) ने अपनी नियुक्ति से लेकर आज तक इस विद्यालय को अपने घर की तरह से संभालते हुए दिन प्रतिदिन इसका रूप बदलने का निरंतर प्रयास किया. इस विद्यालय को अपनी कर्मभूमि मानते हुए इसे ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में स्थापित करना चाहते हैं. इसके लिए वह हर संभव प्रयास निरंतर करते हैं. चाहे खुद की जेब से डेढ़ लाख से 2 लाख रूपये लगाने हो. रंग-रोगन और मरम्मत कराना हो. ग्राम पंचायत के सहयोग से 450 ट्राली मिट्टी डलवाना हो. खेल मैदान समतलीयकरण के लिए स्टाफ का सहयोग हो और भामाशाह को जोड़ना हो चाहे मंजरी फाउंडेशन का सहयोग हो. चाहे ग्राम पंचायत के माध्यम से विकास कराना हो और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किया. 

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2015 में जब यह यहां नियुक्त हुए यह विद्यालय बदहाल था. भौतिक सुविधाएं नगण्य थी और मात्र 30 -40 बच्चे थे. वहीं से उन्होंने अपना पहला प्रयास शुरू किया और अब यहां 90 से 100 बच्चे हैं. साथ हीं, प्राइवेट विद्यालय जैसी तमाम सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध हैं. इसके लिए शिक्षक को उपखंड से लेकर मुख्यमंत्री (CM Ashok Gehlot) ने सम्मानित किया और सीएम के द्वारा बेस्ट स्कूल टीचर का अवार्ड मिला. 

बालिका शिक्षा को बढ़ावा 
अध्यापक राहुल शर्मा ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर बालिकाओं को प्रोत्साहित किया. इसके लिए उन्होंने बालिकाओं को स्वेटर , यूनिफॉर्म वितरित किए. इस काम में  शिक्षिका रमा शर्मा ने भी शिक्षक राहुल शर्मा  का सहयोग लिया किया, जो उड़ान तारा अभियान के तहत प्रशिक्षित हैं. इसी क्रम में शिक्षक राहुल शर्मा ने एक होनहार बालिका अंकिता को शिक्षा के लिए आजीवन गोद लिया, जिसका समस्त व्यय शिक्षक शर्मा स्वयं वहन करेगें. 

शिक्षक राहुल शर्मा ने नामांकन वृद्धि के लिए पहला प्रयास किया, जो बच्चे पहले प्राइवेट स्कूल में जाते थे उनके अभिभावकों से कहकर सभी बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाया. अब गांव के सभी बच्चे विद्यालय में हैं कोई भी बाहर नहीं जाता है. 
 बच्चों को नवीन संसाधनों से अध्ययन कराया, जिससे छात्र-छात्रा बहुत आनंदित हुए और इस मेहनत का यह नतीजा रहा कि प्रत्येक वर्ष 100% बच्चे A और  A+ ग्रेड से उत्तीर्ण होते है. 

स्मार्ट क्लास और सबका सहयोग
शिक्षक ने शुरुआत खुद से की पहले 1.50-2 लाख रुपये स्टाफ के सहयोग से दान करके लैपटॉप, प्रिंटर, ऑफिस फर्नीचर, प्रोजेक्टर, इनवर्टर लाए, जिससे बच्चों का सहशैक्षिक गतिविधियों में भाग लेते हुए सर्वांगीण विकास किया. प्रोजेक्टर से स्मार्ट क्लास शुरू की गई, जो बहुत आनंदकारी रही. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शिक्षक दिवस पर राहुल शर्मा को उपहार स्वरूप मिले 21000 के चेक से विद्यालय में समरसेबल डाली गई और मंजरी फाउंडेशन के सहयोग से शौचालय ,फर्नीचर, टीन शेड बनवाए.  

भौतिक सुधार 
शिक्षक राहुल शर्मा ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय नारायणपुरा में नया नवाचार शुरू किया है. बरसात, सर्दी, गर्मी में सरकारी स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों को नंगे पांव ठिठुरते एक शिक्षक को सहन नहीं हुआ और जो भी बालक उन्हे मिलता उसको अपने साथ स्कूटी से ले जाकर बाजार से जूते- चप्पल दिला दिए. शिक्षक शर्मा ने चरण पादुका अभियान शुरू किया है. शिक्षक ने बताया कि इस अभियान में जरूरतमंद बच्चों की मदद करने से उन्हें बहुत आत्म संतुष्टि मिलती है. 

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वहीं, शिक्षक ने पौधारोपण में 150- 200 पेड़ लगाए. स्वयं, स्टाफ और कुछ मंजरी फाउंडेशन के सहयोग से संपूर्ण भवन में जयपुरी पेंटिंग की गई और भामाशाह से मेन गेट निर्माण कराया. विद्यालय परिसर के 2 मंदिरों का 4,00,000 में जीर्णोद्धार शिक्षक ने स्वयं ,स्टाफ और भामाशाह सहयोग से करवाया. साथ हीं, खेल मैदान के लिए लगभग 3,00,000 की जमीन को विद्यालय के लिए दान करवाया और बच्चों के लिए झूले लगाए गए. शिक्षक राहुल शर्मा प्रत्येक माह कुछ ना कुछ राशि विद्यालय को दान करते हैं और ज्ञान संकल्प पोर्टल पर दान करते हैं. 

Reporter- Bhanu Sharma