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त्रिनेत्र गणेश मंदिर में लगती है किसानों की भीड़, ले जाते हैं 5 कंकण, करते हैं प्रार्थना

त्रिनेत्र गणेश को लेकर क्षेत्र के किसानों में एक अलग तरह की आस्था है. बारिश शुरू होने के साथ ही खेतों में बुवाई करने से पहले क्षेत्र का हर किसान इस गणेश मंदिर में जरुर आता है.

त्रिनेत्र गणेश मंदिर में लगती है किसानों की भीड़, ले जाते हैं 5 कंकण, करते हैं प्रार्थना
हर साल आसाढ़ माह में किसान यहां दर्शन करना नहीं भूलते हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

सवाई माधोपुर: जिले के रणथम्भौर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर जिले के लोगों के लिये आस्था का बड़ा केंद्र है. जिसके कारण साल भर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है. इस दौरान लाखों की संख्या में लोग हर साल यहां भगवान गणेश का दर्शन करने आते हैं. 

त्रिनेत्र गणेश को लेकर क्षेत्र के किसानों में एक अलग तरह की आस्था है. बारिश शुरू होने के साथ ही खेतों में बुवाई करने से पहले क्षेत्र का हर किसान इस गणेश मंदिर में जरुर आता है. इस मंदिर के सामने खेत बनाकर अपने हाथों से उसमें हल निकाल कर बीज बोते हैं और भगवान गणेश से अच्छे फसल की कामना करते हैं.

किसानों की है विशेष आस्था
क्षेत्र के किसानों में रणथंम्भौर स्थित त्रिनेत्र भगवान गणेश को लेकर एक विशेष आस्था है. जिसके कारण हर साल आसाढ़ माह में खेतों की बुवाई करने से पहले क्षेत्र का हर किसान मंदिर आकर दर्शन करना नहीं भुलता. जुन और जुलाई में क्षेत्र के किसानों का यहां भारी जमावड़ा लगा रहता है. इस दौरान किसान भगवान गणेश का आर्शीवाद लेने जरुर आते हैं. किसान भगवान गणेश का दर्शन करने के बाद मंदिर के सामने खेत बनाकर अपने हाथों की अंगुलियों से उसमें हल निकालते हैं. इसके साथ ही लाया बीज उसमें बोते है और भगवान गणेश से अच्छे फसल की कामना करते हैं. 

किसान ले जाते हैं 5 कंकड़
किसान यहां से 5 कंकड़ अपने साथ ले जाते हैं और उसे साल भर संभालकर रखते है. मान्यता है कि यह त्रिनेत्र गणेश के साक्ष्य का रुप होता है. एक साल के बाद दोबारा इस समय पर उन 5 कंकणों को वापस त्रिनैत्र गणेष मंदिर में लाते है और छोड़ देते है और एक बार फिर उसी क्रम में यह सब करते है. यह सिलसिला सालों से चला आ रहा है जो किसानों की इस अनोखी आस्था का प्रतिक है.