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Bharatpur News: भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य अनिरुद्ध सिंह ने मोती महल परिसर में हुई तोड़फोड़ और अन्य घटनाओं के खिलाफ मथुरागेट थाने में मामला दर्ज कराया है. शिकायत में मनुदेव सिनसिनी, संतोष फौजदार, दिनेश सिनसिनी, भगत सिंह बिरहरु, दौलत फौजदार, अतेंद्र, कैलाश सहित कई अन्य लोगों को नामजद किया गया है. आरोप है कि इन लोगों ने मोती महल परिसर में तोड़फोड़ की, कर्मचारियों और गार्डों के साथ मारपीट की, षड्यंत्र रचा तथा महल में घुसकर रियासतकालीन झंडा लगाने का प्रयास किया.
कल देर शाम मनुदेव सिनसिनी ने मोती महल के सदर गेट को तोड़कर महल में प्रवेश किया था, जहां SUV कार सवार तीन लोगों ने गेट को क्षतिग्रस्त किया और अंदर घुसकर झंडा लगाने की कोशिश की. इस घटना का मनुदेव ने सोशलमीडिया पर लाइव प्रसारण भी किया था.
अनिरुद्ध सिंह ने सोमवार तड़के तीन बजे थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सदर गेट पर सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है. यह घटना पूर्व राजपरिवार के भीतर चल रहे संपत्ति विवाद से जुड़ी बताई जा रही है, जहां हाल ही में मोती महल से रियासतकालीन झंडा हटाने को लेकर भी विवाद हुआ था.
गेट तोड़कर महल में घुसपैठ
भरतपुर के मोती महल का गेट रविवार देर रात एक एसयूवी कार सवार तीन लोगों ने गाड़ी से तोड़ दिया. कार में डीग जिले के सिनसिनी गांव के निवासी मनुदेव सिनसिनी और उसके दो साथी सवार थे. आरोप है कि ये तीनों गेट तोड़कर महल के अंदर घुसे और रियासतकालीन झंडा लगाने का प्रयास किया. जैसे ही गार्ड गेट पर पहुंचे, मनुदेव और उसके साथी गाड़ी छोड़कर फरार हो गए. एएसपी सतीश कुमार ने बताया कि गार्डों ने तीन लोगों को देखा था, जिसमें मनुदेव वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है, जबकि बाकी दो की पहचान की जांच चल रही है.
आरोपी की तलाश, पंचायत में पहुंचा मनुदेव
देर रात जैसे ही पुलिस हटी, मनुदेव अपने साथियों के साथ महल पहुंच गया था. पुलिस मनुदेव की तलाश कर रही है, लेकिन उधर सिनसिनी गांव में पंचायत चल रही है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे हैं. एएसपी ने बताया कि देर रात मनुदेव ने अपने दो साथियों के साथ मोती महल के पिछले गेट पर गाड़ी से टक्कर मारी. गेट टूटते ही गार्ड आ गए, जिसे देखकर वे भाग निकले. मनुदेव ने इस पूरी घटना का अपने सोशल मीडिया पेज पर लाइव प्रसारण भी किया था.
अनिरुद्ध सिंह ने दर्ज कराई शिकायत
पूर्व राजपरिवार के सदस्य अनिरुद्ध सिंह ने सोमवार तड़के तीन बजे मथुरा गेट थाने पहुंचकर मनुदेव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में एक नामजद और दो अज्ञात लोगों समेत तीन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. अनिरुद्ध ने पत्रकारों से कहा कि इस घटना के पीछे कौन है, यह पुलिस जांच में सामने आएगा. घटना स्थल मोती महल से मात्र 500 मीटर दूर है, और इसमें रियासतकालीन वस्तुएं भी क्षतिग्रस्त हो सकती थीं. उन्होंने असामाजिक तत्वों के नाम भी पुलिस को सौंप दिए हैं, तथा मोती महल प्रशासन की ओर से एफआईआर दर्ज हो चुकी है.
झंडा विवाद का पुराना इतिहास
यह घटना मोती महल पर रियासतकालीन झंडा हटाने के विवाद से जुड़ी है. अनिरुद्ध सिंह ने हाल ही में पुराने झंडे को हटाकर नया लगाया था, जिससे सिनसिनवार जाट समुदाय और अन्य समाजों में आक्रोश फैल गया. 29 अगस्त को सिनसिनी गांव में महापंचायत हुई थी, जिसमें 21 सितंबर तक झंडा बहाल करने का अल्टीमेटम दिया गया था. रविवार को इसी विवाद को लेकर पूरे शहर में नाकाबंदी की गई थी.
मजबूत सुरक्षा व्यवस्था
झंडा विवाद के चलते रविवार को दिनभर मोती महल और शहर में भारी पुलिस बल तैनात था. रात 8:30 बजे तक जवान मौजूद रहे, लेकिन देर शाम कुछ लोगों ने झंडा लगाने की चेतावनी दी थी. चार जिलों की पुलिस के साथ एक एसटीएफ कंपनी, छह धौलपुर आरएसी बटालियन, तीन प्लाटून कंपनी, 14 आरएसी बटालियन पहाड़ी, तथा 200 जवानों को तैनात किया गया. इसके अलावा एक आईपीएस, आठ आरपीएस, दस इंस्पेक्टर और दस सब-इंस्पेक्टर को जिम्मेदारी सौंपी गई. शहर में हर आने-जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है.