राजस्थान में डायबिटीज के खिलाफ नई जंग, 18 हजार से ज्यादा की फौज होगी मैदान में

 अभियान के तहत हजारों आशा सहयोगिनियों और एएनएम को गांव-गांव भेजा जाएगा. 

राजस्थान में डायबिटीज के खिलाफ नई जंग, 18 हजार से ज्यादा की फौज होगी मैदान में
प्रदेश में 63 हजार 218 पाए गये डायबिटीज के मरीज

जयपुर: डायबिटीज के खिलाफ सरकार ने जंग छेड़ दी है. इस जंग में 18 हजार से ज्यादा फौजियों को लगाया जा रहा है. मई में किए गए एक सर्वे में पाया गया कि प्रदेश में 63 हजार से ज्यादा डायबिटीज के मरीज हैं. लिहाजा अब इसके खिलाफ एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. अभियान के तहत हजारों आशा सहयोगिनियों और एएनएम को गांव-गांव भेजा जाएगा. ये लोग न सिर्फ लोगों को इस बीमारी की रोकथाम के बारे में जागरूक करेंगे बल्कि पीड़ितों को आयुर्वेद की दवा भी देंगी. 

महामारी का रूप लेती डायबिटीज
प्रदेश में 1 मई से 30 जून तक एक सर्वे किया गया. सर्वे  के तहत 34 लाख 86 हजार 754 घरों से संपर्क  किया गया. सर्वे के नतीजे चौंकाने वाले हैं. सर्वे से खुलासा हुआ के प्रदेश में डायबिटीज के 63,218 मरीज हैं जबकि हाइपरटेंशन के 74,251 मरीज पाए गए.   

डायबिटीज के खिलाफ जंग
डायबिटीज को धीमी मौत भी कहा जाता है. लेकिन अगर इसे शुरुआती स्टेज में ही पकड़ लिया जाए तो जान बचाई जा सकती है. इसीलिए केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने इस दिशा में राज्यों को काम करने के निर्देश जारी किए हैं. आयुष मंत्रालय से मिले निर्देशों के बाद प्रदेश का आयुर्वेद विभाग तैयारियों में जुट गया है. आयुर्वेद विभाग के उप सचिव केके माथुर के मुताबिक अगस्त के पहले सप्ताह में एक स्टेट लेवल कार्यशाला आयोजित की जाएगी. जिसमें बीमारी की रोकथाम और जन जागरूकता के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए जाएंगे. इसके बाद जिला और ब्लॉक लेवल पर कार्यशाला आयोजित होगी. जिसमें सभी गांवों से आशा सहयोगिनियों और एएनएम को भी इससे जोड़ा जाएगा. 

डायबिटीज ट्रेनिंग का शिड्यूल
18610 को दिया जाएगा प्रशिक्षण
110 स्टेट लेवल पर लेंगे प्रशिक्षण
500 जिला लेवल पर लेंगे प्रशिक्षण
18000 ब्लॉक लेवर पर लेंगे प्रशिक्षण

सचिवालय चिकित्सा प्रभारी वैद्य राजेश शर्मा के मुताबिक आशा सहयोगिनियों और एएनएम को विशेष जिम्मेदारियां दी जाएंगी. जो गांवों में घर-घर जाकर डायबिटीज के चेकअप के साथ ही उन्हें बीमारी से बचने के लिए दवा और योग क्रियाएं भी बताएंगी. केंद्र ने इसके लिए छह करोड़ 16 लाख रुपए का बजट भी स्वीकृत किया है. आशा सहयोगिनियों और एएनएम को एक किट भी दी जाएगी जिसमें दवाएं होंगी.

 किट में ये औषधियां दी जाएंगी
- त्रिफला चूर्ण (50-60) ग्राम
- विषमज्वरारी लौह वटी
- अणु तेल
- कुटजघन वटी
- धात्री लोह
- चित्रकादि गुटिका
- त्रिभुवनकीर्ति रस
- संशमनी वटी
- पंचगुण तेल