जयपुर: किसानों को रुला रही है प्याज, कम भाव और खराब फसल बनी बड़ी चिंता

देश भर में प्रसिद्ध अलवर के लाल प्याज ने किसानों को चिंता में डाल दिया है जिसका कारण प्याज के कमजोर भाव है.

जयपुर: किसानों को रुला रही है प्याज, कम भाव और खराब फसल बनी बड़ी चिंता
बरसात और ओलावृष्टि से प्याज की फसल खराब हो गई

प्रमोद कुमार/अलवर: बीते दिनों प्याज की कीमतों में अचानक आई तेजी का संकट टलता दिख रहा है. पिछले तीन दिनों से थोक मंडियों में प्याज की कीमतें गिर रही हैं और अगले एक हफ्ते में इनके सामान्य स्तर तक आ जाने का अनुमान है. ट्रेडर्स का कहना है कि पूरे देश में प्याज की पैदावार में कोई विशेष कमी नहीं आई है और हालिया तेजी उत्पादन केंद्रों से सप्लाई में अस्थायी कमी के चलते आई थी.

देश भर में प्रसिद्ध अलवर के लाल प्याज ने किसानों को चिंता में डाल दिया है कारण प्याज के कमजोर भाव है. अलवर में किसानों के लिए आर्थिक संबल का आधार प्याज के भाव इस बार काफी कम है. पहले तो बरसात और ओलावृष्टि से प्याज की फसल खराब हो गई जिसके कारण इस बार प्याज की फसल की गुणवत्ता में कमी आ गई है. 

दूसरी ओर अलवर सब्जी मंडी में प्याज की आवक प्रारम्भ हो गई है. गुरुवार को मंडी में प्याज के 30 हजार कट्टे आए. प्याज के आवक तेज होने के साथ ही किसानों को निराशा हो रही है. क्योंकि इस बार अधिकतर प्याज गुणवत्ता की दृष्टि से खराब आ रही है. इस प्याज में रोग लगने के कारण इसका साइज छोटा है. इस छोटी गांठ वाले प्याज के भाव 300 से 400 रुपए मन यानी प्रति 40 किलो हैं. इसी प्रकार अच्छे प्याज के भाव भी 500 रुपए मन से 700 रुपए प्रति मन है. जो कि पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम हैं.

युवा आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र सैनी का कहना है कि प्याज के भाव इस बार कम है जिसका कारण दक्षिण भारत में प्याज की अच्छी पैदावार होना भी है. इस बार अन्य कई राज्यों से कम संख्या में खरीददार आ रहे हैं. साथ ही प्याज की गुणवत्ता भी कमजोर है. वहीं खबरों की मानें तो अलवर जिले में प्याज बोने वाले किसानों पर अफगानिस्तान की प्याज भारी पड़ रही है. अफगानिस्तान से आई प्याज की मांग इन दिनों उत्तर प्रदेश, पंजाब व हरियाणा में बनी हुई है जिसके कारण अलवर के प्याज के कद्रदान कम रहे गए हैं.

खबरों की मानें तो अलवर प्याज मंडी में प्याज के 30 हजार कट्टों की आवक हुई. इस दिन प्याज के भाव 7 रुपए प्रति किलो से 11 रुपए प्रति किलो तक रहे जिसके चलते किसानों को निराशा हुई. प्याज के भाव कम होने से किसानों का कहना है कि इस भाव में उनकी मेहनत और लागत पूरी नहीं मिल रही है जबकि पिछले साल इस अवधि में प्याज के भाव अधिक थे. इसको लेकर वे परेशान हैं. इधर सरकार स्तर पर भी किसानों को इस मामले में राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. दूसरी तरफ कई बार प्रदेश में प्याज का भाव 100 रूपए प्रतिकिलो तक भी पहुंच जाता है. लेकिन आज अलवर के लाल प्याज के लिए खरीददारों का टोटा है.