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Karauli News: सपोटरा उपखंड क्षेत्र में बहने वाली गोरेहार नदी पर बना पुल पिछले दिनों भारी बारिश से नदी के ऊफान में बह गया जिसके कारण कई गांवों का संपर्क कट गया, लेकिन गांव के बच्चे आज भी शिक्षा के लिए जान जोखिम में डालकर टूटे पुल और नदी को पार कर स्कूल जाते हुए नजर आते हैं. टूटे पुल से होकर नदी पार करने वाले इन बच्चों और ग्रामीणों की कोई सुध नहीं ले रहा है.
प्रशासनिक अधिकारी भी इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे हादसा होने की आशंका बनी है और ग्रामीणों में रोष भी व्याप्त है. ग्रामीणों के अनुसार 2016 में 48 लाख रुपए की लागत से बनाया गया पुल पिछले साल बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन ग्रामीणों के द्वारा अपने स्तर पर क्षतिग्रस्त पुल को दुरुस्त करवाया गया, लेकिन इस बार सपोटरा उपखंड क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण गोरेहार नदी में तेज ऊफान आने पर पुल टूटकर बह गया. पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक हंसराज मीणा भी पुल का जायजा लेने पहुंचे थे लेकिन जिम्मेदार विभागीय अधिकारी अभी तक टूटे पुल की स्थिति को देखने नहीं पहुंचे हैं.
प्रदेश सरकार भारी बारिश से होने वाले नुकसान की समीक्षा बैठक कर रहे हैं और अधिकारियों को फील्ड में जाकर नुकसान का जायजा लेने और लोगों को राहत पहुंचाने के निर्देश दे रहे हैं इसके बावजूद अधिकारी ग्रामीणों की और स्कूली बालकों की कोई सुध नहीं ले रहे हैं.
नदी के ऊफान में पुल बहने से क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क कट गया है .वहीं गांव के बच्चे रोजाना शिक्षा पाने के लिए जान जोखिम में डालकर टूटे पुल और नदी को पार करते हैं. ग्रामीण कहते हैं कि 48 लाख रुपए की लागत से बनाया पुल पानी में बह गया जिसके कारण ग्रामीणों को बड़ी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है. गांव के बीमार व्यक्तियों को इलाज करवाने के लिए भी रास्ता नहीं है.
स्कूल के बालक बालिकाएं जान जोखिम में डालकर टूटे पुल और नदी को पार करते हैं जिसके कारण किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है . ग्रामीणों ने शीघ्र पुल निर्माण करवाने की मांग की है.