किन्नर नीतू मौसी का नहीं बसा घर, तो 100 ​बेटियों का किया कन्यादान
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किन्नर नीतू मौसी का नहीं बसा घर, तो 100 ​बेटियों का किया कन्यादान

राजस्थान के भरतपुर (Bharatpur News) जिले की किन्नर नीतू मौंसी समाज सेवा और सांप्रदायिक सद्भाव का जीता जागता उदाहरण हैं.

किन्नर नीतू मौसी का नहीं बसा घर, तो 100 ​बेटियों का किया कन्यादान

Bharatpur: राजस्थान के भरतपुर (Bharatpur News) जिले की किन्नर नीतू मौंसी समाज सेवा और सांप्रदायिक सद्भाव का जीता जागता उदाहरण हैं. भरतपुर की किन्नर नीतू मौंसी भले ही खुद शादी कर घर नहीं बसा सकीं, लेंकिन मंगलवार को उन्होंने 10 कन्याओं की शादी अपने खर्चे पर करवाकर उनके हाथ पीले किए.

किन्नर नीतू ने बीते दस साल में 100 गरीब हिंदू-मुस्लिम कन्याओं की शादी करवाकर समाज सेवा (Social service) का अप्रतिम उदाहरण पेश किया है. 

किन्नर नीतू मौंसी ने बताया कि इस बार तीन मुस्लिम और सात हिंदू कन्याओं का विवाह करवाया है. मुस्लिम कन्याओं का पूरे रीति-रिवाज के साथ निकाह करवाया गया. वहीं, हिंदू गरीब कन्याओं के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सात फेरे कराए गए. गरीब कन्याओं के विवाह में सभी जरूरी सामान भी नीतू मौंसी ने खुद ही दिया है.

नीतू मौंसी ने बताया कि वह लोगों की खुशी के मौके पर उनके घरों पर जाती थी, लेंकिन इसी दौरान वो गरीब परिवार और कन्याओं के हालात भी देखती थी. ऐसे में उन्होंने गरीब कन्याओं की शादी का खर्चा खुद उठाने का फैसला लिया. शुरुआत में तो वह कभी-कभी एक या दो गरीब कन्याओं की शादी करा देती थी, लेंकिन बीते 10 वर्ष से वो लगातार हर वर्ष 10 हिंदू और मुस्लिम कन्याओं का विवाह करा रही हैं

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मौंसी गरीब कन्याओं के विवाह से पहले आवेदन (Application) मांगती हैं. आवेदनों में गरीब कन्याओं के परिजनों द्वारा भरी गई जानकारी के आधार पर सबसे गरीब और जरूरतमंद कन्याओं का चयन किया जाता है. इसमें कुल 10 गरीब हिंदू-मुस्लिम कन्याओं का चयन किया जाता है.

मंगलवार को भी नीतू मौंसी ने अपने दसवें वर्ष में तीन मुस्लिम और सात हिंदू कन्याओं का विवाह संपन्न कराया. ऐसे में नीतू मौसी बीते 10 वर्ष में 100 गरीब हिंदू-मुस्लिम कन्याओं का निकाह और विवाह करा चुकी हैं. इस अवसर पर नीतू मौंसी ने समाज को संदेश देते हुए कहा कि लोगों को भ्रूण हत्या जैसे पाप से बचना चाहिए और बेटियों को भी बेटों के समान मानते हुए उनकी पूरी शिक्षा और पालन-पोषण करना चाहिए.

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