लोकसभा चुनाव 2019: टोंक-सवाई माधोपुर में क्या इस बार बीजेपी को मात दे पाएगी कांग्रेस

राजस्थान की टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा सीट की बात करें तो यहां से बीजेपी के सुखबीर सिंह जौनपुरिया मौजूदा सांसद हैं.

लोकसभा चुनाव 2019: टोंक-सवाई माधोपुर में क्या इस बार बीजेपी को मात दे पाएगी कांग्रेस
टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा सीट का 2008 में परिसीमन हुआ था.

टोंक-सवाई माधोपुर: देशभर में 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर केंद्र और विपक्ष दोनों ही अपनी तैयारियों में जुट गया है. एक ओर जहां सत्ता पर काबिज बीजेपी सभी राज्यों में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए लगातार कोशिश कर रही है. तो वहीं दूसरी ओर विपक्ष भी बीजेपी को केंद्र से हटाने के लिए किसी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहते है. जिसके चलते केंद्र से लेकर राज्यों तक की राजनीति गरमाइ हुई है. 

इसी बीच राजस्थान की टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा सीट की बात करें तो यहां से बीजेपी के सुखबीर सिंह जौनपुरिया मौजूदा सांसद हैं. 2014 में हुए आम चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के मोहम्मद अजहरुद्दीन को हराया था. 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर कांग्रेस और नंबर 3 पर NPEP थी. 

टोंक-सवाई माधोपुर का इतिहास
टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा सीट 2008 में अस्तित्व में आई थी. जिसके बाद 2009 में यहां पहला आम चुनाव हुआ था. इस चुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी और नमो नारायण मीणा सांसद बने थे लेकिन साल 2014 में मोदी लहर के बीच इस सीट से बीजेपी ने जीत हासिल की और सुखबीर सिंह जौनापुरिया सांसद बने. आपको बता दें कि परिसीमन के बाद टोंक जिले के चार और सवाई माधोपुर के चार विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा सीट बनाई गई है. 

बहुत सारी ऐतिहासिक इमारतों को समेटे इस टोंक-सवाई माधोपुर शहर की जनसंख्या 27,56,877 है. जिसमें से 78 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और 21 प्रतिशत शहरों में, जबकि टोंक जिले में राजस्थान की सबसे बड़ी मिर्च मंडी है. सवाई माधोपुर में मुख्य रूप से मुस्लिम, मीणा और गुर्जर वोटरों का अधिक प्रभाव है. इनके अलावा एससी, ब्राह्मण, माली और राजपूत समाज भी यहां निर्णायक वोटरों की सूची में आते हैं.