राजस्थान: आरक्षण के पेंच में फंसी भर्तियां, अभ्यार्थियों को परीक्षा का इंतजार

 प्रशासनिक लापरवाही के चक्कर में प्रदेश में करीब दो दर्जन से ज्यादा भर्तियों को पूरा होने का इंतजार सालों से है.

राजस्थान: आरक्षण के पेंच में फंसी भर्तियां, अभ्यार्थियों को परीक्षा का इंतजार
ईडब्ल्यूएस और एमबीसी आरक्षण का असर प्रदेश की भर्तियों पर भी पड़ा है.

जयपुर: प्रदेश में करीब दो दर्जन से ज्यादा भर्तियों को पूरा होने का इंतजार सालों से है. कोई भर्ती कोर्ट में अटकी है तो कोई प्रशासनिक लापरवाही के चक्कर में प्रदेश में करीब दो दर्जन से ज्यादा भर्तियों को पूरा होने का इंतजार सालों से है. कोई भर्ती कोर्ट में अटकी है तो कोई प्रशासनिक लापरवाही के चक्कर में. चयनित बेरोजगारों की पीड़ा से सरकार और प्रशासन दोनों ही वाकिफ हैं. लेकिन प्रदेश में करीब 10 लाख से ज्यादा बेरोजगार ऐसे भी हैं, जिनको अपनी भर्ती की परीक्षा आयोजित होने का इंतजार है. करीब 2 महीने पहले ईडब्ल्यूएस और एमबीसी आरक्षण के चलते आरपीएससी और आरएसएसबी की ओर से करीब एक दर्जन भर्तियों को स्थगित किया था. लेकिन दो महीने का समय बीत जाने के बाद भी आज तक ना तो पदों का वर्गीकरण किया गया और ना ही नई विज्ञप्ति जारी की गई.

ईडब्ल्यूएस और एमबीसी आरक्षण का असर प्रदेश की भर्तियों पर भी पड़ा. करीब दो माह पहले एक दर्जन से ज्यादा भर्तियों को इस आरक्षण के पेंच के चलते स्थगित कर दिया गया था. आरपीएससी और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से अगर छोटी-बड़ी भर्तियों की बात की जाए तो करीब एक दर्जन से ज्यादा भर्तियों को स्थगित किया गया. जिसमें करीब 10 लाख से ज्यादा बेरोजगारों ने आवेदन कर रखा था. दो महीने बीत जाने और आरक्षण का पेंच हल होने जाने के बाद भी आज तक ना तो इन भर्तियों में पदों का वर्गीकरण किया गया और ना ही भर्तियों की संशोधित विज्ञप्ति जारी की गई. जिसके चलते प्रदेशभर के सैंकड़ों बेरोजगार जल्द विज्ञप्ति जारी करने की मांग को लेकर दर-दर की ठोंकरे खा रहे हैं.

आरपीएससी की अगर बात की जाए तो 5 हजार पदों पर निकाली गई स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा, वन विभाग में रेंजर भर्ती के साथ ही करीब आधा दर्जन ऐसी छोटी-बड़ी भर्तियां हैं पदों का वर्गीकरण होने के साथ ही संशोधित विज्ञप्ति जारी होनी है. वहीं राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की अगर बात की जाए तो स्टेनोग्राफर भर्ती, पुस्तकाल अध्यक्ष ग्रेड थर्ड, फार्मासिस्ट, हाथकरघा निरीक्षक, लवण निरीक्षक, अन्वेषक, कृषि अनुदेशक ( इलेक्ट्रोनिक्स मैकेनिक, मैकेनिक रेफ्रीजरेशन एण्ड एयर कण्डीशनर, वायर मैन, कार्यशाला गणना व विज्ञान) की भर्तियों सहित कई छोटी-बड़ी भर्तियां हैं जिनमें करीब 10 लाख से ज्यादा बेरोजगारों ने आवेदन किया है.

भर्तियों के लिए आवेदन करने वाले बेरोजगारों की पीड़ा कोई सुनने वाला नहीं है. यह बेरोजगार दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं. बेरोजगारों का कहना है कि परीक्षा की तैयारी करते हुए एक साल से ज्यादा का समय हो गया है. जयपुर में कोचिंग सहित अन्य सुविधा के लिए हर महीने 10 हजार रुपये तक खर्च हो रहे हैं. ऐसे में आर्थिक हालात बिगड़ते जा रहे हैं. जबकि प्रशासन और सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है.

वहीं दूसरी ओर प्रदेश के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने इन बेरोजगारों का आश्वासन देते हुए कहा कि आरक्षण के पेंच की वजह से भर्तियों को रोका गया था. ऐसा इसलिए किया था की बाद में जाकर भर्तियों में कोई रुकावट ना हो सके. इसके साथ ही जल्द ही इन भर्तियों को लेकर पदों का वर्गीकरण करते हुए संशोधित विज्ञप्ति जारी की जाएगी. प्रदेश के किसी भी बेरोजगार को परेशान नहीं होने दिया जाएगा.