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राजस्थान में 1 करोड़ से ज्यादा छात्रों ने देखा PM मोदी का कार्यक्रम 'परीक्षा पे चर्चा 2.0'

प्रधानमंत्री ने बच्चों को संदेश दिया की तनाव लेने से आपकी योग्यता पर ही प्रभाव पड़ता है, ना की आप सफल होते हैं

राजस्थान में 1 करोड़ से ज्यादा छात्रों ने देखा PM मोदी का कार्यक्रम 'परीक्षा पे चर्चा 2.0'
इस कार्यक्रम को देशभर के करीब 7 करोड़ से ज्यादा विद्यार्थियों ने देखा

ललित कुमार/जयपुर: बोर्ड परीक्षाओं से पहले विद्यार्थियों को तनाव को कम करने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परीक्षा पे चर्चा 2.0 का मंगलवार को  आयोजन किया गया. दिल्ली स्थिति तालकटोरा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश के विद्यार्थियों को सुबह 11 बजे से 1 बजे तक परीक्षा में सफल होने का गुरु मंत्र दिया.

साथ ही प्रधानमंत्री ने बच्चों को संदेश दिया की तनाव लेने से आपकी योग्यता पर ही प्रभाव पड़ता है, ना की आप सफल होते हैं इसलिए परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले अपने आप को उस तैयारी के लिए तैयार कीजिए ताकि आपको सफलता मिल सके. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस क्लास का प्रसारण देशभर की सभी सरकारी और निजी स्कूलों सुबह 11 बजे से 1 बजे तक प्रसारण किया. बच्चों ने इस क्लास को अपनी परीक्षा को लेकर काफी फायदेमंद बताया.

16 फरवरी 2018 का वो दिन जब पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सीधे विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया और वो कार्यक्रम इतना हिट हुआ की 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अपनी बोर्ड परीक्षा की तैयारी में काफी फायदेमंद साबित हुआ. उस समय इस कार्यक्रम को देशभर के करीब 7 करोड़ से ज्यादा विद्यार्थियों ने देखा था. इसी की सफलता के बाद आज 'परीक्षा पे चर्चा 2.0' का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों के साथ ही उनके अभिभावकों और शिक्षकों को भी शामिल किया गया. इस बार देश-विदेश के विद्यार्थियों के सवालों को भी शामिल किया गया. दिल्ली के तालकटोरा में आयोजित इस कार्यक्रम में  हिस्सा लेने के लिए राजस्थान के भी 48 विद्यार्थियों का चयन किया गया.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया की बच्चों को कभी भी परीक्षा को लेकर तनाव नहीं लेना चाहिए क्योंकि तनाव लेने से परेशानियां बढ़ती हैं ना की घटती है. इसलिए सफलता प्राप्त करने के लिए एक-एक लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए. साथ ही अभिभावकों  से भी प्रधानमंत्री ने सलाह दी की कभी अपने बच्चों की योग्यता की तुलना अन्य बच्चे से नहीं करनी चाहिए. 

प्रधानमंत्री ने कहा जो योग्यता उनके बच्चों में है उसको प्रोत्साहित करना चाहिए. जिससे वो अपने लक्ष्य की ओर अधिक मेहनत से आगे बढ़े. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा की माता-पिता हमेशा अपने बच्चों के भले की बात कहते हैं. इसलिए ऐसा नहीं सोचना चाहिए की वो उन्हें रोकते हैं या फिर टोकते हैं. इसलिए माता पिता की बातों का सम्मान करना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बच्चों को संदेश देते हुए कहा की शिक्षकों द्वारा दिया गया अधिकतर ज्ञान किताबी नहीं होता. लेकिन वो ज्ञान आपको पूरे जीवन में आगे बढ़ने के काम आता है. चाहे वो संस्कार हों या सद्गुण, ये हमेशा आपको एक शिक्षक से ही प्राप्त होते हैं.

पीएम मोदी की क्लास के बाद विद्यार्थियों में काफी सकारात्मक एनर्जी देखने को मिली. बच्चों का कहना था कि वो बोर्ड परीक्षा को लेकर काफी तनाव ले रहे थे लेकिन इस दो घंटे की क्लास ने उनको पूरे साल का ज्ञान दे दिया है और आने वाली परीक्षा में वो कुछ बेहतर करके दिखाएंगी.