करौली: 2 साल से नहीं हुई पानी की टंकियों की सफाई, दूषित पेयजल पीने को मजबूर शहरवासी

शहर की आठ ओवर हेड और 2 भूतल जलाशयों की सफाई नहीं होने से शहरवासी दूषित पेयजल पीने को मजबूर हैं.

करौली: 2 साल से नहीं हुई पानी की टंकियों की सफाई, दूषित पेयजल पीने को मजबूर शहरवासी
शहर की टंकियों की सफाई नहीं होने के कारण शहरवासी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं

आशीष चतुर्वेदी, करौली: जलदाय विभाग की लापरवाही आमजन के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है. हर छह माह में होने वाली पेयजल टंकियों की सफाई 2 वर्ष गुजरने के बाद भी नहीं हो पाई है. शहर की आठ ओवर हेड और 2 भूतल जलाशयों की सफाई नहीं होने से शहरवासी दूषित पेयजल पीने को मजबूर हैं.

शहर की टंकियों की सफाई नहीं होने के कारण शहरवासी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे पीलिया, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियां पैर पसारने लगी हैं. लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है. शहरवासियों का कहना है कि एक ओर पेयजल सप्लाई की कमी के कारण लोग परेशान हैं तो वहीं जो सप्लाई हो रही है, उसमें भी कई इलाकों में दुर्गंध जैसी स्थिति आ रही है, जिसको लेकर शहरवासियों में रोष व्याप्त है.

नियमों के अनुसार, पानी की टंकियों की सफाई हर छह माह में कराना आवश्यक है लेकिन करौली शहर में कागजों में ही जुलाई 2018 में सफाई दिखाकर भुगतान उठाने के आरोप भी लगे हैं जबकि पेयजल टंकियों पर जुलाई 2017 में सफाई कराने की दिनांक प्रदर्शित है. इसके चलते अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मिलीभगत कर पानी की टंकियों की सफाई कराने के नाम पर भुगतान उठाने के आरोपों से इनकार नहीं किया जा सकता. 

दूषित पेयजल से पीलिया, उल्टी-दस्त, कृमि, पेट-खराब होने जैसी बीमारियां फैलने की आशंका रहती है. शहर के तांबे की टोरी, हिंडौन दरवाजा सहित दर्जनों कॉलोनियों में दूषित और बदबूदार पेयजल आपूर्ति को लेकर समय-समय पर शहरवासियों द्वारा शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं करने के आरोप है. बार-बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं होने के कारण शहरवासी दूषित और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं. वहीं मामले पर सहायक अभियंता रविंद्र मीणा ने बताया कि इस वर्ष टंकियों की सफाई के लिए टेंडर नहीं हुए, टेंडर कराने के बाद सफाई कराई जाएगी. उनका कहना है कि जुलाई 2018 में टंकियों की सफाई कराई गई है. 

जलदाय विभाग द्वारा पानी की टंकियों की सफाई समय पर नही कराने के कारण शहरवासी परेशान है तो वहीं शहर के 8 ओवर हेड और दो भूतल जलाशयों पर सफाई कराने की दिनांक मई 2016 एवं जुलाई 2017 प्रदर्शित है, जो अधिकारियों के बयानों और हकीकत में विरोधाभास को दिखाती है.