वृन्दावन ही नहीं अब भरतपुर में भी होंगे बिहारीजी के साक्षात दर्शन

अब राजस्थान के भरतपुर में भी जन-जन की आस्था के केंद्र  बिहारी जी के प्राचीन शैली में साक्षात दर्शन करने का श्रद्दालुओं को सौभाग्य मिलेगा

वृन्दावन ही  नहीं अब भरतपुर में  भी होंगे बिहारीजी के साक्षात दर्शन
वृन्दावन ही नहीं अब भरतपुर में भी होंगे बिहारीजी के साक्षात दर्शन

भरतपुर: अब तक उत्तर- प्रदेश के वृन्दावन में बिहारी जी के दर्शन के लिए जहां देश विदेश के श्रद्दालुओं की तांता लगा रहता है तो वहीं अब राजस्थान के भरतपुर में भी जन-जन की आस्था के केंद्र  बिहारी जी के प्राचीन शैली में साक्षात दर्शन करने का श्रद्दालुओं को सौभाग्य मिलेगा.
सवा दस करोड़ की लागत से बनेगा मंदिर
जानकारी के मुताबिक देवस्थान विभाग की ओर से किला स्थित बिहारी जी के मंदिर का अब प्राचीन शैली में पुनर्निर्माण कराया जा रहा है. सवा दस करोड़ की लागत से इस मंदिर में नक्काशी व मेहराब प्राचीन शैली के मंदिरों की तर्ज पर तैयार कराए जा रहे हैं. इस भव्य मंदिर के करीब 1 साल में बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है.
गुजरात के एक्सपर्ट तैयार कर रहे हैं मंदिर
विभाग के सहायक आयुक्त केके खंडेलवाल के अनुसार मंदिर के निर्माण की जिम्मेदारी राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आरएसआरडीसी) को सौंपी गई है. मंदिर का आर्किटेक्चर गुजरात के एक्सपोर्ट द्वारा तैयार किया गया है. साथ ही मंदिर के निर्माण के लिए गुजरात के विशेषज्ञों की पूरी टीम काम कर रही है.
बंसी पहाड़पुर के पत्थर से हो रहा निर्माण
जानकारी के अनुसार मंदिर निर्माण के लिए बंसी पहाड़पुर के पत्थर का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके पीछे की खास वजह यह है कि इस पत्थर में नक्काशी का कार्य बहुत ही बेहतरीन तरीके से होता है. साथ ही मजबूती के चलते इस पत्थर की लाइफ बहुत अच्छी होती है.
नायाब मंदिर के रूप में मिलेगी पहचान
विभाग के सहायक आयुक्त के.के खंडेलवाल के मुताबिक इस मंदिर की खासियत यह है कि इसके निर्माण में गुंबद और