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राजस्थान चुनाव में नहीं चला महिला उम्मीदवारों का जादू, केवल 22 सीटों पर जीत

इस बार के विधानसभा चुनाव में अभी तक सिर्फ 22 महिला उम्मीदवारों ने ही जीत हासिल की

राजस्थान चुनाव में नहीं चला महिला उम्मीदवारों का जादू, केवल 22 सीटों पर जीत
झालरापटन से वसुंधरा राजे तो ओसियां से कांग्रेस की दिव्या मदेरणा जीत का परचम लहराया

जयुपर: राजस्‍थान विधानसभा चुनाव के परिणामों के लिए मतगणना की प्रक्रिया के सुबह 8 बजे से शुरू होते ही प्रदेश में सारे रुझान कांग्रेस की जीत की ओर इशारा करने लगे थे. महज कुछ घंटो में ही मतगणना के रुझानों में कांग्रेस बहुमत के जादूई आंकड़े के करीब नजर आने लगी. लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में महिला उम्मीदवारों का जादू नहीं चला. इस बार के विधानसभा चुनाव में अभी तक सिर्फ 22 महिला उम्मीदवारों ने ही जीत हासिल की.   

आंकड़ो के अनुसार सादुलपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार कृष्णा पूनिया जीतीं 17 हजार वोटों से जीत दर्ज की. वहीं धौलपुर सीट पर बीजेपी की शोभारानी कुशवाह 20 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की. साथ ही झालरापटन से वसुंधरा राजे तो ओसियां से कांग्रेस की दिव्या मदेरणा जीत का परचम लहराया. जबकि कामां से जहिदा खान ने जीत हासिल की. 

अन्य सीटों की बात करें तो अजमेर साउथ की सीट पर बीजेपी की अनीता भदेल, बानसूर से शकुंतला रावत, कुशानगढ़ से रमीला खादिया, बीकानेर इस्ट सिद्दी कुमारी, सीकरी से ममता भूपेश, बागरू से गंगा देवी, शेरगढ़ से मीना कंवर, लाढ़पुरा से कल्पना देवी, जयाल से मंजू देवी, मेत्रा से इंदिरा देवी और सोजत से शोभा चौहन ने जीत का परचम लहराया. बता दें के विधानसभा चुनाव में दोनों बड़ी पार्टियों की बात करें तो कुल मिलाकर 50 महिलाएं चुनावी मैदान में थीं. वहीं पिछले विधानसभा चुनावों की बात करें तो इस बार कम जीतीं महिलाएं. 2013 में 25 महिलाएं जीतीं थीं जबकि इस बार यह आंकड़ा 22 पर सिमट गया. इनमें से 9 बीजेपी,11 कांगेस, 1 राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी,1 निर्दलीय महिलाओं की जीत हुई.

बता दें कि इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रत्याशियों की अपनी सूची में कुल 27 महिलाओं को मौका दिया था. जिनमें से तीन मुस्लिम समुदाय से थे. भाजपा की ओर से विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरी कुल 23 महिलाओं में एक भी मुस्लिम नहीं थी.

अगर साल 2013 में हुए विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो कांग्रेस ने इस बार ज्यादा महिलाओं को मौका दिया है. तब कांग्रेस ने 200 सीटों में से 23 पर महिलाओं को उतारा था जबकि इस बार उसने 195 सीटों में से 27 सीटें महिलाओं को दी थी. वहीं भाजपा ने 2013 में जहां 25 महिलाओं को टिकट दी थी वहीं इस बार यह संख्या दो कम यानी 23 थी. राज्य की मौजूदा 14वीं विधानसभा में कुल 28 महिला विधायक चुनकर आईं थीं.

कांग्रेस की कुछ प्रमुख महिला उम्मीदवारों में उदयपुर से गिरिजा व्यास, कामां से जाहिदा खान, मालवीय नगर से अर्चना शर्मा, रायसिंहनगर से सोनादेवी बावरी, संगरिया से शबनम गोदारा, सादुलपुर से कृष्णा पूनिया, बगरू से गंगादेवी, बामनवास से इंदिरा मीणा व ओसियां से दिव्या मदेरणा शामिल थी. वहीं भाजपा के महिला उम्मीदवारों के नामों में बीकानेर पूर्व से सिद्धि कुमारी, कोलायत से पूनम कंवर, नदबई से कृष्णेंद्र कौर, सपोटरा से गोलमा देवी, अजमेर दक्षिण से अनिता भदेल, सूरसागर से सूर्यकांता व्यास व राजसमंद से किरण व्यास शामिल थी.

कांग्रेस के मुस्लिम प्रत्याशियों में तीन नाम महिलाओं के भी थे. इनमें जाहिदा खान के अलावा साफिया (रामगढ़) तथा गुलनेज (लाडपुरा) शामिल था. गौरतलब है कि 2013 में साफिया और गुलनेज के पति उनकी सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी थे. इस तरह से कांग्रेस के मुस्लिम प्रत्याशियों में सात नए चेहरे थे. कांग्रेस इस बार 195 सीटों पर चुनाव लड़ रही है उसने पांच सीटें गठबंधन की पाटियों के छोड़ी थी.