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राजस्थान पंचायतों में कचरे से बनेगी जैविक खाद, सभी मुख्यालय पर बनेंगे मॉडल टॉयलेट

हर पंचायत में कचरे का उपयोग किया जाकर खाद बनाई जाएगी. इसके लिए पंचायत स्तर पर गांवों वालों का जागरूक करने का काम किया जाएगा.

राजस्थान पंचायतों में कचरे से बनेगी जैविक खाद, सभी मुख्यालय पर बनेंगे मॉडल टॉयलेट
पंचायत मुख्यालय पर गांव के कचरे को जैविक खाद के रूप में परिवर्तन किया जाएगा.

जयपुर: स्वच्छ भारत मिशन में राजस्थान की पंचायतों को और अधिक स्वच्छ बनाया जाएगा. सभी ग्राम पंचायतों में कचरे का उपयोग कर जैविक खाद बनाई जाएगी. ताकि ग्राम पंचायतों की सुंदरता बढाने के साथ साथ वहां फैले कचरे का भी जैविक खाद बनाने में उपयोग हो सके.

शहरों के साथ साथ अब गांवों को भी स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन ने अपने कदम और आगे बढ़ा दिए है. दरअसल अब स्वच्छता के साथ साथ पंचायतों में गांव के लोगों को जागरूकता का पाठ भी पढ़ाया जाएगा.अब हर पंचायत में कचरे का उपयोग किया जाकर खाद बनाई जाएगी. इसके लिए पंचायत स्तर पर गांवों वालों को जागरूक करने का काम किया जाएगा.

इस अभियान के तहत पंचायतों में तीन काम किए जाएंगे. पहला हर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर गांव के कचरे को जैविक खाद के रूप में परिवर्तन किया जाएगा, ताकि ये खाद किसानों के काम आ सके.दूसरा सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाए जाएंगे. इस परिसर में वो ग्रामीण आ सकते है, जिनके घर शौचालय ना हो या फिर गांव में काम करने वाले सामुदायिक स्वच्छता परिसर का इस्तेमाल कर सकते है. 

तीसरा सबसे बडा प्रोजेक्ट है मॉडल टॉयलेंट बनाने का. राजस्थान की सभी 9892 ग्राम पंचायतों में मॉडल टॉयलेट बनाए जाएंगे. 50 हजार रूपए की लागत से इस टॉयलेट्स का निर्माण करवाया जाएगा. दो गड्ढ़े वाले जलबद्ध शौचालयों में जमा मल को जैविक खाद में परिवर्तित परिवर्तित किया जाएगा. साथ ही पूर्व में बनाए गए शौचालयों में भी अलग से गड्ढा खुदवाकर जंक्शन लगवाने के लिए ग्राम विकास अधिकारियों को पांबद कर दिया गया है.

जाहिर है स्वच्छता के इस अभियान से पंचायतों तो सुंदर दिखेगी ही. इसके साथ साथ जैविक खाद का उपयोग भी अधिक से अधिक हो सकेगा, जिससे किसानों के लिए खाद की समस्या भी कम हो सकेगी.